महिला पर्यवेक्षकों ने लगाए आरोप … मीटिंग में सीईओ बोरकर ने कहा ट्रांसफर करवा लो नही तो में लाईन लगा देता हूँ,हुई शिकायत

शहपुरा।एक और प्रदेश सहित केंद्र सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने तरह तरह की योजनाओ का संचालन कर रही है और उन्ही योजनाओ के दम पर सार्वजनिक मंचों से नारी सम्मान की तमाम बाते करती रहती है वही दूसरी और उन्ही सरकारों के पुरुष अधिकारी महिलाओं को सार्वजनिक स्थल पर ही बेइज्जत कर उन्हे लज्जित करने का प्रयास कर रहे है कुछ ऐसा ही मामला शहपुरा से सामने आ रहा है जहां जनपद पंचायत शहपुरा में मुख्यकार्यपालन अधिकारी के पद में पदस्थ्य अरविंद बोरकर द्वारा आज जनपद में चुनाव संबंधित मीटिंग के दौरान महिला बाल विकास विभाग की महिला पर्यवेक्षकों से अभद्रता को गई,वही घटना घटित होने के बाद,घटना से अपमानित महसूस कर रही महिलाओं के द्वारा मुख्यकार्यपालन अधिकारी अरविंद बोरकर के विरुद्ध लिखित शिकायत पत्र बना वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की गई है सीईओ ने कहा…. ट्रांसफर करवा लो नही तो में लाईन लगा देता हूँ
महिला पर्यवेक्षको द्वारा मामले में कलेक्टर को सौंपने बनाए गए आवेदन में उल्लेखित है कि आज दिनांक 06/04/2024 को पत्र क्रमांक/ज.प/पंचा. प्रको/2024/07 दिनांक 05/04/2024 के अनुसार लोकसभा निर्वाचन 2024 की बैठक का आयोजन जनपद पंचायत शहपुरा में आयोजित किया गया था। जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविन्द कुमार बोरकर द्वारा बैठक में उपस्थित महिला कर्मचारियों से बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया, बैठक प्रारंभ होते ही महिला पर्यवेक्षकों से कहां गया कि तुम इतने सारे लोग शहपुरा में पर्यवेक्षक क्यों हो ट्रांसफर करवा लो नही तो में लाईन लगा देता हूँ। वैसे भी शासन में तुम्हे नौकरी देकर गलत किया है। तुम महिला लोगों से झाडू पोछा लगाना और वेसन बनाना ही आता है, और तुम लोग वही तक सीमित रहोगी। मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा हम महिला से किया गया उक्त अपमान जनक व्यवहार भेद भाव की भावना से परिलक्षित होता है।उक्त बैठक में ज्यादातर पुरुष कर्मचारी एवं अधिकारी मौजूद थे। जो महिला पर हो रहे अभद्र व्यवहार देखकर मूक दर्शक बन उपहास उड़ा रहे थे।
सीईओ के विरुद्ध कार्यवाही की मांग लिखित शिकायत पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि मुख्य कार्यपालन अधिकारी अरविन्द कुमार बोरकर द्वारा किये गये अभद्र व्यवहार से हम सभी महिला के आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है।एक ओर देश में महिला सशक्तिकरण में महिलाओं के सम्मान की बात की जाती है। तो वही दूसरी और इस तरह अधिकारी के द्वारा महिलाओं की इज्जत और सम्मान खुले आम धज्जियाँ उडाई जाती है।इसलिए हम न्यायमूर्ति महोदय से उचित कार्रवाई करने का अनुरोध करते हैं। इनका कहना है:सीईओ द्वारा महिला पर्यवेक्षकों से अभद्रता करने की शिकायत प्राप्त हुई है मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है।विपिन देहरिया,परियोजना अधिकारी,महिला बाल विकास विभाग शहपुरा