एक बार फिर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बजाग में मोबाइल रोशनी में हुई डिलेवरी, जनरेटर और सोलर प्लेट बने शोपीस
अमित साहू, बजाग 7771942755

मनमानी पूर्वक हो रहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का संचालन
बजाग। सरकार और प्रशासन के लाख दावों के बाद भी डिंडोरी आदिवासी बाहुल्य जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था इन दिनों पटरी से उतर गई है। भगवान भरोसे चल रही यह स्वास्थ्य व्यवस्था का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक बार फिर डिंडोरी जिले के विकास खंड बजाग मुख्यालय पर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बजाग में रात के अंधेरे में मोबाइल की रोशनी से डिलेवरी करानी पड़ी। जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था का आलम यह है कि अंधेरे में मोबाइल से डिलेवरी कराना अब आम बात हो गई है। जिले के रहवासियों को अब इस तरह की लापरवाही से रूबरू होने की आदत सी हो गई है वहीं दूसरी ओर इस तरह की लापरवाही से यदि जच्चा बच्चा को किसी तरह का नुक़सान होने पर ज़िम्मेदार कौन होगा। हालांकि क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर प्रशासन लाख दावे करे पर विभागीय अमला और स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के चलते अंधेरे में मरीजों का हलाकान होना आम हो चला है।

सर्वविदित है कि कुछ सप्ताह पूर्व विकास खंड बजाग के ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सरवाही में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते चार दिन से लाईट बंद होने से अंधेरे में जचकी कराने का मामला सामने आया था।
बैगाचक के स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के चलते इस तरह की लापरवाही से लोग रोज परेशान होते हैं बरसात के मौसम में बीमार मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही आम मरीज भी गर्मी से हलाकान हो रहे हैं। पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को क्या फर्क पड़ता है?
इनका कहना है
अस्पताल में लाईट नहीं होने के कारण कारण अंधेरे में मोबाइल से डिलेवरी कराए हैं ।
उमा बाई, परिजन
डिंडोरी जिले में यह पहली बार नहीं कि मोबाइल से डिलेवरी करानी पड़ी। प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से इस तरह की समस्या हो रही है ।
लोकेश पटेरिया, विधायक प्रतिनिधि