विधवा महिला ने सीईओ पर लगाए गंभीर आरोप,हुई थाना शहपुरा मैं शिकायत
शहपुरा। पद के मद में अधिकारी इतना चूर हो गए हैं कि सामान्य शिष्टाचार भी भूल गए हैं और लोकसेवक न होकर अब तानाशाह जैसा बर्ताव करने में उतारू हो गए हैं, महिला से किस तरह बात करना चाहिए इसकी भी जानकारी इन्हें नहीं हैं, वैसे डिण्डोरी जिले में पदस्थ अधिकारी कुछ इसी तरह के बर्ताव में उतारू हो गए हैं ताजा मामला जनपद पंचायत करंजिया का सामने आया है जहां पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी अशोक साँवनेर का बर्ताव मर्यादा की सीमाएं लांघ चुका है और एक पीड़ित महिला न्याय की गुहार लगाते लगाते थक रही है। महिला को ग्राम पंचायत से लेकर जनपद पंचायत तक के नुमाइंदे तक परेशान कर रहे हैं जब महिला ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी से कार्रवाई की जानकारी चाही तो उन्होंने महिला को फोन पर ही अमर्यादित तरीके से झिड़क दिया जिससे व्यथित महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से लेकर गृह मंत्रालय तक शिकायत कर दी है।वंही मामले मे शिकायत मिलने के बाद थाना प्रभारी ने जांच उपरांत कारवाई करने की बात की है। क्या है मामला जनपद पंचायत करंजिया के रूसा में महिला का विवाह हुआ दो साल बाद महिला के पति की मौत हो गई महिला ने अपने पति की फैमिली आईडी में नाम जुड़वाने का आवेदन किया जिसे पहले ग्राम पंचायत ने लटकाया फिर महिला ने जनपद का रुख किया लेकिन वहां भी न्याय नही मिलने पर सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज करा दी और महिला से सामान्य तौर पर सीईओ से जानकारी चाही जिसके बाद सीईओ ने महिला को बुरी तरह लताड़ते हुए, असभ्य व अमर्यादित ढंग से खरी खोटी सुना दी जिसके बाद से महिला बुरी तरह टूट गई और अब वह अपने हक़ के साथ ही सिस्टम से सम्मान की लड़ाई में कूद गई है। सामान्य प्रक्रिया को बनाया जटिल यह तो तय है कि महिला का विवाह रूसा में 2018 में हुआ दो साल बाद कोविड से उसकी मौत हो गई पंचायत को म्रतक के साथ महिला का नाम जोड़ उसे पहले कल्याणी घोषित करना चाहिए लेकिन पंचायत के जिम्मेदार भी महिला के साथ नियमो के तहत काम न करते हुए मृतक के परिजनों से पहले सहमति लेने की बात कहते हैं जबकि पत्नी के अतिरिक्त किसी अन्य परिजन से सहमति की कोई आवश्यकता ही नही है।
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