एसडीओ,उपयंत्री के साथ पूर्व जनपद अध्यक्ष सहित अन्य द्वारा की गई मारपीट के विरोध में सौंपा ज्ञापन

डिंडोरी।इंजी. पंकज सिंह परिहार एवं इंजी. सुनील कुमार हरमन के साथ दिनांक 07.03.2024 को करंजिया में की गई मारपीट के संबंध में उचित कार्यवाही के अनुरोध से जुड़ा एक ज्ञापन जिला प्रशासन को मध्यप्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स एसोसिएशन के बैनर तले सौंपा गया,ज्ञापन मैं उलेखित है कि दिनांक 07.03.2024 को करजिया में जनपद पंचायत करजिया में पदस्थ सहायक यंत्री इंजी. पंकज सिंह परिहार एवं उपयंत्री इंजी. सुनील कुमार हरमन के साथ श्रीमति रंजीता परस्ते, मोती मरावी, राधे पटले, चरण सिंह धुर्वे एवं कुछ अज्ञात आरोपियों द्वारा शासकीय कार्य में बाधा डालते हुए, शासकीय दस्तावेज फाड़े गए, मारपीट करते हुए अपहरण का प्रयास करते हुए इनके जेब में रखे रूपये भी लुटे गए है. इसके बीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है, एवं आवेदक के आवेदन पर एफआईआर भी करजिया थाने में दर्ज की गई है। विदित हो कि हमारे सदस्यों के साथ घटित इस दुखद घटना से जिले के समस्त निर्माण विभागों में कार्यरत अभियंता बन्धुओं में आक्रोश के साथ-साथ भय एवं असुरक्षा की भावना व्याप्त हो गई है।विदित हो कि इससे पूर्व भी उक्त आरोपियों द्वारा दिनाक 13.06.2018 को श्री आरके पालनपुरे तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत करजिया के साथ भी इस तरह की मारपीट एवं छीना झपटी की घटना को अंजाम दिया गया था। उक्त घटना का केस वर्तमान जिला न्यायालय डिण्डौरी में प्रचलन में है पुनः विदित हो कि सुश्री पुष्पासिंह वनक्षेत्र रक्षक पूर्व क्षेत्र करजिया को भी उक्त आरोपियों द्वारा 6-7 घण्टे तक बंधक बनाकर रखा गया था।अतः संघ का अनुरोध है, कि उक्त घटना की एफ आई आर आवेदक इंजी पंकज सिंह परिहार द्वारा प्रस्तुत आवेदन के आधार पर धाराएं एवं कुछ छूटे हुए अपराधियों का नाम जोड़ते हुए संशोधित की जायें। आवेदक का पुलिस अधीक्षक के नाम एफ आई. आर, संशोधित करने बाबत पत्र की प्रति सलग्न है घटना के आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के साथ-साथ इन पर कड़ी कार्यवाही होना चाहिए, जिससे शासकीय योजनाओं के कुशल क्रियान्वयन हेतु जिले में कार्यरत अभियंता साथियों में सुरक्षा का भाव पैदा हो सके। पीड़ित सदस्यों इंजी. पंकज सिंह परिहार एवं इंजी, सुनील कुमार हरमन को किसी भी अप्रिय स्थिति से बचाने हेतु शीघ्र ही जनपद करंजिया से अन्यत्र स्थानांतरित किया जावे।आरोपियों में जो निर्वाचित जनप्रतिनिधि है, उनके विरूद्ध पद का दुरूपयोग के कारण पद से अयोग्यता की कार्यवाही की जायें। शासन प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से शीघ्र एवं निष्पक्ष कार्यवाही किये जाने की भाग है। ताकि हमारे साथियों में सुरक्षा का वातावरण निर्मित होकर इमानदारी से शासकीय कार्य संपादन का मनोबल बना रह सकें।विदित हो, कि घटना पर शीघ्र ही 02 दिन में उचित कार्यवाही नहीं होने की दशा में मजबूरन संघ को धरना, प्रदर्शन एवं काम बंद करने जैसी नकारात्मक गतिविधियों के लिए बाध्य होना पड़ेगा।