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हजारों शिक्षकों के लिए मिसाल और बच्चों की आशा बनें ब्रिजेश बरखने

अमित साहू बजाग, 7771942755

मध्यप्रदेश के आदिवासी जिला डिंडोरी में जहां एक ओर शासकीय स्कूलों की स्थिति बद से बद्तर है कहीं शिक्षक की समस्या, कहीं रोड़ की समस्या, कहीं बिल्डिंग की समस्या तो कहीं सब सही है तो बच्चों के स्कूल न आने की खबरें आती रहती है। जहां डिंडोरी जिले में प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय मिलाकर बहुत से भवनों की ठीक नही है वहीं अनेक विद्यालय के भवन खंडहर में तब्दील हो चुके हैं। बहरहाल सुविधाओं की कमी का रोना अलग बात है लेकिन इस तरह की नकारात्मक सोच से दूर रह अपने कार्य को लगन से करने पर वांछित सफलता मिल सकती है डिंडोरी जिले में एक ऐसा भी विद्यालय है जहां के शिक्षक के सार्थक प्रयास से विद्यालय के कक्षा 5 के कुल 8 बच्चों में से 4 जवाहर नवोदय विद्यालय डिंडोरी, 3 एकलव्य विद्यालय डिंडोरी तथा एक 1 बच्ची का कन्या परिसर बजाग में परीक्षा पास कर प्रवेश मिला है।

कहां का है मामला –

हम बात कर रहे हैं जिला डिंडोरी के प्राथमिक शाला भर्राटोला (सिंगार सत्ती) का जहां पदस्थ शिक्षक ब्रिजेश कुमार बरथने को कलेक्टर‌ विकास मिश्रा के द्वारा शैक्षणिक कार्य में दक्षता के चलते स्टार आफ द मंथ अवार्ड दिया है। जिन्होंने अपने आचरण, व्यवहार, योग्यता, कार्य क्षमता और लगन शक्ति के दम पर अत्याधिक मेहनत कर विद्यार्थियों के भविष्य के लिए बेहतर विकल्प दिया है।

कलेक्टर ने स्टार आफ द मंथ से नवाजा –

ज्ञात हो कि जहां अनेक मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते क्षेत्र में अनेक विद्यालय अच्छे से संचालित भी नहीं हो पाते वहीं वनांचल के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में अनेक बच्चों को जिला स्तर के अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त विद्यालय में विद्यार्थियों का पहुंच पाना शिक्षक और विद्यार्थी दोनों की काबिलियत को बढाता है। शिक्षक की इसी काबिलियत को देखकर डिंडोरी कलेक्टर विकास मिश्रा ने ब्रिजेश कुमार को स्टार आफ द मंथ से नवाजा है। वहीं शिक्षक के इस प्रयास की प्रसंशा की है।

चार बच्चों का नवोदय में चयन –

आपको बता दें कि शिक्षक के प्रयास से अजीत सिंह पिता जोधी सिंह, आकाश पिता चैन सिंह , गुलजार पिता राजाबली, वंदना पिता जयवर्धन ने नवोदय विद्यालय की परीक्षा पास कर प्रवेश लिया है। बताते चलें कि ये सब बच्चे आदिवासी समुदाय से आते हैं और क्षेत्र के अनेक बच्चों के लिए इन बच्चों और शिक्षक ने मिशाल कायम की है जहां क्षेत्र में अनेक विद्यालय में शिक्षक समय पर नहीं आते, शराब पीकर आते हैं या विद्यालय ही नहीं आते वहीं शिक्षक ब्रिजेश कुमार बरथने ने क्षेत्र के शासकीय विद्यालय का नाम शीर्ष पटल पर ला दिया है। आज छोटे से मोहल्ले से 4 बच्चों का नवोदय में दाखिला निश्चित ही महत्वपूर्ण कार्य है।

कौन है ब्रिजेश बरखने-

प्राथमिक शाला भर्राटोला के शिक्षक ब्रिजेश बरखने, छिंदवाड़ा जिले के निवासी हैं जिन्होंने ने प्राथमिक शिक्षक के रूप में 10 अप्रैल 2023 को ज्वाइन किया इन्होंने रायसेन जिले में बतौर अतिथि शिक्षक के रूप में पढ़ाया है और बच्चों को पढ़ाने के मामले में तो हर तरफ से परिपक्व है वहीं गणित विषय में विशेष रूचि होने के चलते गणित विषय में अच्छी पकड़ है।

हजारों शिक्षकों के लिए प्रेरणा स्रोत –

लगन और मेहनत के दम पर कक्षा 5 के 8 में से 4 बच्चों को नवोदय विद्यालय, 3 को एकलव्य विद्यालय तथा 1 को कन्या शिक्षा परिसर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई वहीं क्षेत्र में अनेक विद्यालय में पदस्थ शिक्षकों के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं। यदि अन्य शिक्षक भी इनकी कर्तव्यनिष्ठा को अपनाए तो निश्चित ही जिला के शिक्षा स्तर को बढाया जा सकता है।

इनका कहना है

बच्चों को जैसी शिक्षा दी जाए वे उसी कदम में बढ़ते हैं, बस हमने और बच्चों ने पूरे साल मेहनत किया और उनको फल मिला वहीं मुझे संतुष्टि मिली। सभी बच्चों ने अपने परिवार के साथ साथ विद्यालय का नाम रोशन किया है

– ब्रिजेश कुमार, शिक्षक

निश्चित रूप से शिक्षक ने लगन और मेहनत के दम पर बच्चों को अच्छे स्कूल में पहुंचाया है, और अन्य शिक्षकों को भी उनसे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है जिससे शिक्षा का स्तर बढ़ाया जा सके

-ब्रजभान सिंह गौतम, बी आर सी

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