अमित साहू, बजाग। विकास के नाम पर डिंडोरी जिले में हर साल अरबों रुपए आते हैं पर शासन की मंशानुरूप कार्य न होना क्षेत्र की जनता के साथ मजाक है। हमारे जिले का जनपद मुख्यालय बजाग भ्रष्टाचार की नई नई गाथा लिखा है जिसमें प्रशासनिक कर्मचारी भी बराबर के सहयोगी रहे हैं। बैगा बहुल क्षेत्र होने के कारण सरकार द्वारा विकास कार्य निर्माण के लिए लाखों रुपए का बजट स्वीकृत किया जाता है पर निर्माण कार्य भ्रष्टाचार की बलि चढ़ जाता। ऐसा ही मामला बजाग जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत वनग्राम चाँडा के पोषक ग्राम सिलपिढी में देखने को मिला जहां कलेक्टर रतनाकार झा द्वारा आवश्यकता अनुसार स्थल का जायजा लेते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत पुलिया बनाने के लिए आदेश दिया था जिसके लिए भारी भरकर लागत राशि 24 लाख 99 हजार का बजट तैयार किया गया था। लेकिन पंचायत के जिम्मेदार मोटी जेब करने के चक्कर में सरपंच सचिव द्वारा पुलिया निर्माण बैगेर बेश डाले टूटी फूटी पुलिया डाल कर पुल निर्माण कार्य किया जा रहा है। घटिया सामग्री एवं गुणवत्ता हीन स्तर से कार्य कराया जा रहा है। जो कितने समय तक चलेगा, कब खुद जाएगा कोई गारंटी नहीं है। गारंटी योजना की ही गारंटी ना होना पंचायत कर्मियों एवं उच्चाधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है। अब देखना यह है कि इस संबंध में उच्चाधिकारियों द्वारा क्या कार्यवाही की जायेगी और इस अनियमितता पूर्ण होने वाले कार्य में क्या सुधार किया जाएगा।
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