टीकाकरण जागरूकता पर आनलाईन कार्यक्रम – भारतीय वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित कारोना नियंत्रण का एक मात्र उपाय – टीकाकरण: डाॅ. दुबे
लोकविचार–आपका विश्वास ,हमारा साथ9893676527, 7566178324
डिण्डौरी। नगर के मेकलसुता कॉलेज, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास एवं संपर्क विभाग के संयुक्त तत्वाधान में कोविड-19 टीकाकरण के लिये जागरूकता हेतु कोरोना महामारी के नियंत्रण में टीकाकरण की आवश्यकता एवं भूमिका विषय पर एक दिवसीय वेबीनार का आयोजन किया गया। वेबीनार में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. प्रदीप दुबे वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डाॅयरेक्टर, आदिगुरु चाइल्ड न्यूरोलॉजी हॉस्पिटल जबलपुर एवं नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ पर्सनल डिसेबिलिटी कार्यकारिणी के सदस्य सम्मिलित हुए। विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ. सुनील जैन वरिष्ठ शिशु रोग विशेषज्ञ डिण्डौरी, मुख्य अतिथि डॉ राजेंद्र कुररिया प्राध्यापक भौतिकशास्त्र विभाग शास. आदर्श स्वशासी विज्ञान महाविद्यालय जबलपुर, सारस्वत अतिथि डाॅ. बालस्वरूप द्विवेदी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रकाशचंद्र मिश्रा विभाग कार्यवाह मंडला एवं कार्यक्रम के संरक्षक डॉ. बिहारी लाल द्विवेदी प्राचार्य मेकलसुता कॉलेज डिण्डौरी रहे। भारतीय वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित – कार्यक्रम में सर्वप्रथम मुख्य वक्ता डॉ. दुबे जी ने अपने व्याख्यान में बताया कि कोरोेना रोग एक संक्रामक रोग है, जिस प्रकार हैजा, चेचक, छोटी माता आदि रोग एक संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलते हैं, उसी प्रकार से यह वायरस भी फैलता है। यह स्वाइन फ्लू फैमिली का वायरस है जो स्वस्थ व्यक्ति के संक्रमित व्यक्ति के साथ संपर्क में आने पर स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर जाता है और धीरे-धीरे उसकी कोशिकाओं में प्रवेश कर अपनी संख्या को बढ़ाता रहता है, फेफड़े में पहुंच कर उसे प्रभावित करता है। सामान्य तौर पर कोरोना से संक्रमित व्यक्ति में सर्दी, खांसी, बुखार, कमजोरी आदि लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे व्यक्ति जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत है, उन्हें यह कम प्रभावित करता है किंतु ऐसे व्यक्ति जो पूर्व से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं, उन्हें यह वायरस अधिक प्रभावित करता है। दुर्भाग्य की बात यह है कि इस बीमारी के लिये अभी तक कोई दवाई नहीं बनी है, इसका एकमात्र उपाय टीकाकरण है। वर्तमान में हमारे देश में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन और सीरम इंस्टीट्यूट की कोवीशील्ड वैक्सीन के डोज दिए जा रहे हैं, जो पूरी तरह से सुरक्षित हैं। रूस की स्पूतनिक वैक्सीन में भी कार्य चल रहा है। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने में कारगर – विषय विशेषज्ञ डॉ. सुनील जैन ने टीकाकरण का महत्व बताते हुये कहा कि आज का समय बहुत ही विकट परिस्थितियों वाला है, जिसमें हमें अपने हौसले को बनाए रखने की आवश्यकता है, तभी हम इस बीमारी का डटकर सामना कर पाएंगे। व्यक्ति को टीका लगने से उसके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने लगती है, और जब व्यक्ति टीका की दोनों डोज लगवा लेता है तब लगभग 2 सप्ताह के भीतर शरीर में एंटीबॉडी विकसित होने लगती है, इस प्रकार दोनों डोज लेने वाला व्यक्ति के दोबारा कोरोना वायरस से संक्रमित होने के चांस 85 प्रतिशत तक कम हो जाते हैं। इसलिए इस बीमारी से बचने के लिए हमें अपनी आंतरिक क्षमता को विकसित करना है और इसके लिए टीकाकरण की नितांत आवश्यकता है। मुख्य अतिथि महोदय डॉ. कुररिया जी ने बताया कि 1 मई 2021 से टीकाकरण का तीसरा चरण प्रारंभ हो चुका है, प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी के साथ टीका लगवाना चाहिए और अपने घर-परिवार, मोहल्ले और समाज में सभी व्यक्तियों को जागरूक करना चाहिए। डॉ. बालस्वरूप द्विवेदी ने कहा कि डॉक्टर के द्वारा दी गई दवाइयों को हमें विश्वास के साथ सेवन करना चाहिए और जहां तक हो सके नकारात्मक बातों में ध्यान नहीं देना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे श्री मिश्रा जी द्वारा बताया कि विषय विशेषज्ञों द्वारा दिए गए सुझावों को हमें समाज में लेकर जाना होगा तभी समाज में टीकाकरण के लिए सकारात्मकता आयेगी। डॉ. बिहारी लाल द्विवेदी ने कहा कि समाज के कुछ लोग भारतीय वैक्सीन के बारे में नकारात्मकता फैलाने में लगे हुए हैं, जो गलत है। ऐसी बातों में न आकर हमें अपने देश में बनी वैक्सीन में पूर्ण विश्वास रखना होगा। कार्यक्रम के अंत में संयोजक प्रो. निरंजन पटेल ने सभी वक्ताओं और अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. विकास जैन ने किया। वेबीनार में प्रो. अनुराग सिंह, महेंद्र धर बडगैंयां, स्वर्ण तिवारी सहित प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित हुये।
मीडिया भारत का महत्वपूर्ण अंग है,लोकविचार इस अंग को और मजबूत बनाने के लिए सच को लेकर काम करता है हमारा उद्देश्य आप तक सिर्फ सच को समय पर पहुचाना है हम निडर और निष्पक्ष होकर काम करने मे विश्वास करते है लोकविचार आमजन की समस्याओं को समाज के बीच रखता है-लोकविचार