प्रशासन की कार्रवाई के बाद लामबंद हुए दवा व्यापारी,दवा दुकाने बंद कर जताया विरोध,दवा दुकानें बंद होने के बाद चेता प्रशासन, सील की हुई दुकानों को किया मुक्त,विधायक ने जताई नाराजगी
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डिण्डोरी। कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने की कवायद अब आम जन पर भारी पड़ने लगी है, प्रशासनिक अमले द्वारा दवा दुकानों पर अनावश्यक दबाव के बाद डिण्डोरी के दवा व्यापारियों ने एक राय होकर अपनी दुकानें बंद कर दी जिससे प्रशासन में हड़कंप की स्थिति मच गई और आनन फानन में दवा दुकानों को खुलवाया गया हालांकि इस ड्रामेबाजी में प्रशासन की भूमिका को ठीक नही कहा जा सकता।
क्या है मामला
प्रशासन का दल नगर की एक मेडिकल स्टोर में पहुंचा जहाँ उसने स्टॉक रजिस्टर की मांग की दुकानदार ने दलील दी कि हमारे पास स्टॉक रजिस्टर मेंटेन नही होता, दवाओं का सेल और परचेज का रिकॉर्ड रखा जाता है यह बात प्रशासनिक अमले को नागवार गुजरी और तत्काल दुकान सील करने का आदेश दिया गया।
हरकत में आये दवा व्यापारी
जैसे ही दुकान सील होने की जानकारी दवा व्यापारियों को लगी सभी ने अपनी दुकानें बंद कर दी और नगर में दवा दुकानों के बंद होने के बाद हड़कम्प की स्थिति मच गई तत्काल तहसीलदार ने सील की गई दुकानों को खोलने के आदेश दिए और व्यापारियों को मना लिया।
विधायक ने भी जताई आपत्ति
हालांकि प्रशासनिक अमले ने दुकानों को खोलने के आदेश दे दिए थे स्थानीय विधायक ओमकार मरकाम पहुंचे और धरने पर बैठ गए वही से वरिष्ठ अधिकारियों को फ़ोन लगा दुकान खुलवाने के लिए कहा।
प्रशासन के रवैये से बढ़ी परेशानी
इस समय कोरोना के दौर में जरा सी भी स्वास्थ्यगत समस्या लोगों को परेशान कर रही है, ऐसे में अपनी जान जोखिम में डाल कुछ चिकित्सक भी सामान्य उपचार दे रहे हैं उन पर भी कार्रवाई से परेशानी बढ़ गई है हर छोटे मर्ज के लिये जिला चिकित्सालय कोई जाना नही चाह रहा है, वैध चिकित्सकों को क्लीनिक में बैठने की अनुमति भी दिया जाना चाहिये।
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