शहपुरा-विभिन्न विभागो से जानकारी लेने हेतु आमनागरिको के लिए सरकान ने सूचना के अधिकार के तहत कानून बनाया है परन्तु जिला के कूछ विभागो में बैठे अधिकारी ही उपरोक्त कानून को मानने के लिए तैयार नही है जानकारी अनुसार जनपद क्षेत्र षहपुरा के एक ग्रामीण ने विकासखण्ड षिक्षा अधिकारी के पास कूछ माह पूर्व सूचना के अधिकार के तहत आवेदन लगा विभाग से सम्बधित जानकारियां मागी थी परन्तु उन्हे जानकारी मिलना तो दूर उल्टा नियमो के फेर मे जिम्मेदारो व्दारा फसा केवल घूमया ही जा रहा है जिससे जाहिर होता है कि नियम कानून का पालन करवाने वाले ही किस कदर नियमो का उल्लघन कर रहे है। यह है पूरा मामला आवेदनकर्ता व्दारा दी गई जानकारी अनुसार जनपद पचायत षहपुरा अन्तगर्त गुरैया के ग्रामीण तीरथ झारिया व्दारा षहपुरा स्थित विकासखण्ड षिक्षा अधिकारी कार्यालय मे आरटीआई के तहत आवेदन लगा जानकारी मागी थी कि उनके विभाग मे पदस्थ्य षासकीय सेवको की 26जनवरी2001 के बाद जन्म लिए तीन सन्तानो की जानकारी सत्यापित कापी उपलब्ध करवा दी जावे,साथ ही कार्यालय व्दारा वर्ष 2019-20 में क्रय की गई खेल सामग्री की सूची एव बिल की सत्यापित छायाप्रति सहित षाला प्रबन्धन समिति के व्दारा प्रस्ताव की कापी सहित अन्य जानकारिया उपलब्ध करवाये परन्तु नियम अनुसार आवदेन लगाने के बाद भी विभाग व्दारा जानकारी उपलब्ध नही करवाई जा रही है। नियमो के फेर में उलझाया जा रहा पीडित ने जानकारी में बतलाया कि उसके व्दारा विकासखण्ड षिक्षा अधिकारी के पास सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत ही जानकारी मागी गई थी परन्तु उनके व्दारा जानकारी देने के स्थान पर पहले तो पत्र के माध्यम से कहा गया कि नियम के तहत बीपीएल अपीकलकर्ता को पच्चास पन्नो से ज्यादा जानकारी नही दी जा सकती है वही मेरे व्दारा अपील करने के बाद भी जिला स्थित वरिष्ठ कार्यालय व्दारा जानकारी उपलब्ध नही करवाई जिसके बाद मेरे व्दारा राज्य सूचना आयोग मे अपील की गई परन्तु वहा से भी मुझे तमाम सूनवाई की रस्म अदा करवाने के बाद जानकारी उपलब्ध नही करवाई गई जिसके बाद मेरे व्दारा मुख्य सूचना आयुक्त केन्द्रीय सूचना आयोग दिल्ली से मामले मे हस्तक्षेप कर जानकारी उपलब्ध करवाने हेतु आवेदन किया गया जिसके बाद एक बार पुन 3फरवरी 2022 को मुझे एक पत्र राज्य सूचना आयोग से प्राप्त हुआ है जिसमे वणर््िात है कि आगामी 21 मार्च2022 को सुनवाई हेतु उपस्थित होना है। उपरोक्त घटनाक्रम से एक बात तो तय है कि स्थानीय षिक्षा विभाग के कार्यालय से लेकर विभाग के वरिष्ठ कार्यालय भी आम ग्रामीण व्दारा आरटीआई के तहत मागी गई जानकारी देने में गम्भीर नही है। इनका कहना है-ं आवेदक व्दारा मांगी गई जानकारी कार्यालय मे उपलब्ध नही है जिस कारण से आवेदक को जानकारी उपलब्ध नही करवाई जा सकती है।पीडी पटेल प्रभारी बीईओ शहपुरा
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