सप्लायर- सीईओ विवाद पहुंचा पुलिस थाना, दोनो पक्षो ने की शिकायत…कलेक्टर पुलिस की जांच में हो सकता है बड़ा खुलासा

प्रमुख बातें-
सप्लायरों ने सीईओ व्दारा भुगतान के एवज में कमीशन मांगने का लगाया था आरोप …आरोप लगने के बाद सीईओ ने थाना मे की शिकायत…सीईओ की शिकायत के बाद सप्लायर ने भी थाना मे की शिकायत
शहपुरा। डिण्डौरी जिला अन्तगर्त जनपद पंचायत शहपुरा क्षेत्र के कुछ सप्लायरों ने कलेक्टर विकास मिश्रा के नाम का ज्ञापन एसडीएम शहपुरा निशा नापित को 16 अगस्त 2023 को सौंप आरोप लगाया था कि भुगतान के एवज में शहपुरा के मुख्यकार्यपालन अधिकारी गणेश पाण्डे व्दारा अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी राममिलन रावत के माध्यम से छ प्रतिशत की कमीशन की मांग की जा रही है सौंपे गये ज्ञापन के माध्यम से कलेक्टर विकास मिश्रा से मांग की गई थी कि मामले की जांच कर करवाई की जावे। परन्तु कलेक्टर द्वारा मामले की जांच होती उसके पूर्व ही शहपुरा सीईओ गणेश पाण्डे एवं एपीओ राममिलन रावत द्वारा कार्यालीन पत्र के माध्यम से थाना शहपुरा मे मेसर्स वीरेन्द्र तिवारी के विरुध्द शिकायत की है वही सीईओ द्वारा शिकायत के बाद मेसर्स वीरेन्द्र तिवारी द्वारा भी थाना शहपुरा में शिकायत पत्र सहित कमीशन की माग से जुडी एपीओ रावत एवं उनके बीच हुए फोन कॉल्स की डिटेल सम्मिलित कर शिकायत करते हुए जांच की मांग की है।Subtitle
सीईओ- एपीओ ने लगाया साजिश का आरोप
मामला सामने आने के बाद शहपुरा सीईओ गणेश पाण्डे एवं अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी राममिलन रावत व्दारा भी कार्यालीन पत्र के माध्यम से पुलिस थाना शहपुरा में लिखित शिकायत की गई है शिकायत पत्र मे उल्लेखित है कि मेसर्स वीरेन्द्र तिवारी द्वारा साजिश रचते हुए कुछ सप्लायरों के साथ मिलकर अनावश्यक दबाब बनाते हुए पैसे मागने के झूठे आरोप लगाते हुए शिकायत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व शहपुरा को दी गई है पत्र मे सप्लायरो द्वारा लगाये गये आरोपो के एवज में सफाई देते हुए उल्लेखित किया गया है कि सप्लायर का सीधा सम्बन्ध निर्माण कार्य एजेंसी ग्राम पंचायत से होता है किसी भी सप्लायर को हम नहीं जानते न ही किसी प्रकार की कोई बात होती है मेसर्स वीरेन्द्र तिवारी को जो भी भुगतान हुआ अथवा भविष्य में होना है वह ग्राम पंचायत से सम्बंधित है ग्राम पंचायत द्वारा ही जिस सप्लायर से निर्माण कार्य हेतु सामग्री ली जाती है उनके बिल पास फार पेमेंट की सील हस्ताक्षर कर नियमानुसार जनपद स्तर पर प्रस्तुत किये जाते है जिसके बाद नियमानुसार जनपद स्तर से उनका भुगतान किया जाता है सप्लायर एव कार्यालय जनपद पंचायत का कोई सीधा सम्बन्ध नहीं है फिर भी मेसर्स वीरेन्द्र तिवारी द्वारा विगत कई दिनो से झूठे आरोप लगाते हुए बाजार में भ्रांतियां फैलाई जा रही है। लगाये गये आरोपो से व्यक्तिगत एवं कार्यालय की छवि धूमिल करने के फलस्वरूप उपरोक्त के विरूध्द कानूनी धाराओ के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का कष्ट करे।
सप्लायर ने भी थाना में शिकायत
सीईओ गणेश पाण्डे व्दारा थाना मे शिकायत करने के बाद सप्लायर मेसर्स वीरेन्द्र तिवारी ने भी पुलिस थाना शहपुरा मे लिखित शिकायत कर आरोप लगाया गया है कि सीईओ गणेश पाण्डे व्दारा नियमो को दरकिनार करते हुए 2022-23 के भुगतान को छोड़कर 2023-24 का भुगतान अपने चहेते ठेकेदार को किया एडवास छ प्रतिशत कमीशन लेकर किया गया है, इसके अलाव अन्य आरोप भी लगाये गये है बतलाया गया है कि कलेक्टर डिण्डौरी को भेजे ज्ञापन में मामले की जाच की माग की गई है परन्तु ज्ञापन देने के बाद सीईओ व्दारा दबाव बनाने के लिए थाना मे शिकायत की गई है मांग की गई है कि मामले की जाच कर कार्यवाही की जायें। शिकायतकर्ता मेसर्स वीरेन्द्र तिवारी व्दारा कमीशन की माग से जुड़ी एपीओ राममिलन रावत एवं उनके बीच हुए फोन की काल्स की डिटेल एवं मनरेगा अन्तगर्त भुगतान से जुडे दिशा निर्देशो की प्रति भी सलग्न की है।
जांच में हो सकता है बड़ा खुलासा
पहले कलेक्टर के नाम से सप्लायरों ने सीईओ गणेश पाण्डे द्वारा कमीशन मागने की शिकायत हुई उसके बाद दोनो पक्षो द्वारा एक दूसरे के विरूद्ध पुलिस थाना शहपुरा में शिकायत की गई है यदि कलेक्टर द्वारा प्राप्त शिकायत एवं पुलिस द्वारा प्राप्त शिकायतों की गम्भीरता पूर्वक जांच की जाती है तो आने वाले दिनो मे उपरोक्त प्रकरण मे बडा खुलासा सामने आ सकता है।
इनका कहना है-
दोनो पक्षों के व्दारा एक दूसरे पर आरोप लगाकर शिकायत की गई है मामले की जांच कर नियमानुसार कार्यवाही की जावेगी । विश्नुदत चर्तुवेदी, थाना प्रभारी पुलिस थाना शहपुरा