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मनरेगा में श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने में जिला अग्रणी

लोकविचार डिण्डौरी - 07 जनवरी 2021 महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत श्रमिकों को गांव में रोजगार उपलब्ध कराने में डिण्डौरी जिला राज्य में अग्रणी स्थान पर है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अरूण कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में जिले में अभी तक 136 लाख से अधिक मानव दिवस सृजित कर जॉबकार्डधारी परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने में डिण्डौरी जिला राज्य में प्रथम स्थान पर है। जिसमें जनपद पंचायत अमरपुर के 3552 जॉबकार्डधारी परिवार, बजाग के 8648 जॉबकार्डधारी परिवार, डिण्डौरी के 10679 जॉबकार्डधारी परिवार, करंजिया के 2490 जॉबकार्डधारी परिवार, मेंहदवानी के 6754 जॉबकार्डधारी परिवार, समनापुर के 3696 जॉबकार्डधारी परिवार एवं जनपद पंचायत शहपुरा के 6978 जॉबकार्डधारी परिवार शामिल है।
उन्होने बताया कि मनरेगा योजनांतर्गत अभी तक 42837 जॉबकार्डधारी परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया गया है। जॉबकार्डधारी परिवारों को 100 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराने में भी जिला डिण्डौरी राज्य में प्रथम स्थान पर है।
श्री विश्वकर्मा ने बताया कि मनरेगा योजनांतर्गत कार्य करने वाले श्रमिकों को किये गये कार्य का समय सीमा में भुगतान कराने में जिला राज्य में द्वितीय स्थान पर है। जिले में 60047 श्रमिकों को आज मनरेगा योजना में कार्य कर रहे है। जिसमें अमरपुर जनपद पंचायत की 42 ग्राम पंचायतो में 5292, बजाग की 46 पंचायत में 7597, डिण्डौरी की 70 ग्राम पंचायतों में 8913 करंजिया की 42 ग्राम पंचायतों में 11676, मेंहदवानी की 46 ग्राम पंचायतों में 7794, समनापुर की 48 ग्राम पंचायतों में 5114 एवं जनपद पंचायत शहपुरा की 69 ग्राम पंचायतों में 13656 श्रमिकों को संलग्न कर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
