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दंडवत होकर कर रहे नर्मदा परिक्रमा, दंडवत महराज जी का बिछिया में हुआ स्वागत

- लोकविचार शहपुरा। मां नर्मदा के प्रति आस्था लोगों में देखने को मिलती है जब मां नर्मदा के भक्त अलग अलग तरीके और अलग अलग संकल्प के साथ मां नर्मदा की परिक्रमा के लिये घर परिवार को छोड़ सन्यास व्रत का पालन करते है. यह परिक्रमा भक्त अपने अपने प्रण अनुसार कोई गाड़ी से करता है तो कोई पैदल परिक्रमा करता है. इसी तरह एक अद्भुत परिक्रमावासी डिण्डोरी जिले की सीमा बिछिया में देखने को मिले जो की दंडवत होकर मां नर्मदा की परिक्रमा कर रहे हैं. दर्शनार्थियों के पूछने पर उन्होंने बताया कि वे वह महाराष्ट्र के आलंदी शहर से हैं और यह परिक्रमा 18 अक्टूबर 2018 से अमरकंटक से शुरु थी. वह दक्षिण तट डिंडोरी ,मंडला गुजरात से बहरुज होते हुए खंभात की खाड़ी पार करते हुए उत्तर तट में जबलपुर, भेड़ाघाट,उत्तर सीमा में पहुंचे हैं. मंगलवार को जिले की सीमा बिछिया में पहुंचे हुए हैं यहां श्रद्धालुओं द्वारा महराज जी का स्वागत किया गया बड़ी संख्या में महिलाएं,पुरुष,युवा वर्ग महराज जी के साथ पद परिक्रमा कर उनकी यात्रा में शामिल हुए व बुधवार को शहपुरा पहुंचेगे एवं आगे डिंडोरी से अमरकटंक को निकल जाएंगे इनकी विशेषता है कि ये दंडवत होकर परिक्रमा कर रहे हैं जहां से भी यह परिक्रमावासी गुजरते है। उनका वहां स्वागत किया जाता है ओर भक्तों के द्वारा उचित व्यवस्था भी की जाती है.
- एक दिन में चार से पांच किलोमीटर की करते हैं यात्रा…इस संबंध में जब समाज सेवी सुशील तिवारी ने यात्रा के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि वह दिन में चार से पांच किलोमीटर की यात्रा कर पाते हैं ओर वह किसी किसी ग्राम से निकलते है तो उनका स्वागत किया जाता है भक्त भी उनके पद परिक्रमा करते हुए पैदल अपने ग्राम से गमन कराते हैं बैंड-बाजे के साथ दंडवत महराज जी का स्वागत किया जाता है दूसरी बार निकले है परिक्रमा पर..वहीं दंडवत महराज जी ने बताया जी चार साल पहले यानी वर्ष 2017 में भी मैने दंडवत परिक्रमा की थी जिसको पूरी करने के बाद पुनः मैने यह परिकमा उठाई है ।
- मां नर्मदा को स्वच्छ व प्रदूषित होने से बचाने का संकल्प .. दंडवत महराज जी से द्वारा बताया गया कि उनकी यह यात्रा का उद्देश्य मा नर्मदा जी के घाटों में जगह जगह गंदगी फैली हुई रहती है और तो और रेत माफियाओं द्वारा रेत निकाल कर मां नर्मदा जी के जल को कम कर रहे हैं साथ ही प्रदूषित कर रहें है मेरी परिक्रमा का उद्देश्य यही है कि मां नर्मदा को स्वच्छ बनना है जिसको लेकर मेरे द्वारा जागरूकता का अभियान भी चलाया जाता है. जहां भी विश्राम होता है युवाओं सहित सभी नर्मदा भक्तों से मां नर्मदा को प्रदूषित होने से बचाने की अपील भी करता हूं.

