लोकविचार डिण्डोरी। एक ओर कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने के लिए 60 घंटे का लॉक डाउन लगाया गया वहीँ प्रशासन के एक फरमान ने सारे किये कराए पर पानी फेरने जैसी स्थिति ला दी कहना गलत नही होगा कि प्रशासन ने अपने पैर में कुल्हाड़ी मारने का प्रयास कर लिया, रविवार की दोपहर अचानक प्रशासन ने मुनादी करा दी कि व्यापारी कोरोना निगेटिव रिपोर्ट के साथ ही अपने प्रतिष्ठान खोल सकेंगे अथवा प्रशासन द्वारा प्रतिष्ठान सील कर दी जाएंगी, इस मुनादी के बाद व्यापारियों में अफरातफरी मच गई और बड़ी संख्या में व्यापारी जिला चिकित्सालय में पहुंच गए जहां स्थिति काफी भयावह हो गई सैकड़ों व्यापारी पर्ची काउंटर पर एक दूसरे से सट कर पर्ची बनवाने में जुट गए, इसके बाद टेस्टिंग काउंटर पर भी यही आलम था। सड़क पर घूमने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने वाले प्रशासनिक अमले ने यहां से दूरी बनाए रखी। कुल मिलाकर एक फरमान ने सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा कर रख दी।
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