समनापुर की सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा, दुकानों के शटर रहे डाउन,लोगों ने कहा फिर आए पुराने दिन याद

लोकविचार टीम

बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते 7 दिन कोरोना कर्फ्यू जनपद मुख्यालय समनापुर में लगाया गया है और पहले दिन सभी ने इसका पालन किया। लोग घरों में ही रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। बाजार मेें दुकानों के शटर डाउन रहे। 21 की सुबह 6 बजे से बाजार खुलेगा।
गुरुवार की सुबह दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर वही लोग नजर आए जिन्हें जरूरी काम के लिए बाहर आना पड़ा। दूध और सब्जी,की सप्लाई जारी रही, लेकिन सब्जी मंडी बंद होने के कारण कम संख्या में सब्जी के ठेले वार्डों में पहुंचे। लोगों ने कर्फ्यू का पालन किया और घरों में ही रहे। लोग बिना काम के घरों से न निकलें इसके लिए पुलिसकर्मी जगह-जगह तैनात रहे। साथ ही बाहर निकलने वालों से पूछताछ भी की।
लोगों ने कहा पुराने दिन आए याद
पिछले वर्ष इस माह में लॉकडाउन लगा हुआ था और अब सात दिन के कोरोना कफ्र्यू ने फिर लोगों को पुराने दिन याद दिला दिए हैं। पिछले वर्ष लॉकडाउन में लोगों के धंधे चौपट हो गए थे और वह ज्यादा दिन का लॉकडाउन नहीं चाह रहे हैं। अभी तक पिछले वर्ष हुए घाटा से ही नहीं उबर पाए हैं और फिर वही स्थिति बन रही है। लंबे लॉकडाउन से बचने सात दिन के कर्फ्यू का सभी पालन कर रहे हैं।
बसें रहीं चालू
कर्फ्यू के दौरान बस सेवा चालू रखी गई, जिससे लोगों को ज्यादा परेशानी न हो। साथ ही बस स्टेंड और अस्पताल आने जाने के लिए ऑटो चलाने की भी अनुमति दी गई है। फिर भी ऑटो चालकों को पर्याप्त सवारियां नहीं मिल रही है।
ग्राम पंचायत को चलाना चाहिए सफाई अभियान
सात दिन के कर्फ्यू के दौरान ग्राम पंचायत द्वारा उन जगहों पर सफाई कराई जानी चाहिए जहां आम दिनों में भीड़ भाड़ होने के कारण सफाई नहीं हो पाती है। गांधी चौंक एवं सब्जी मंडी पर सबसे ज्यादा भीड़ रहती है और दुकानों के सामने नालियों की सफाई नहीं हो पाती है वहीं
सैनिटाइजेशन का कार्य कोरोना कर्फ्यू के पहले एक बार कराया गया है। पिछले वर्ष एक टैंकर के माध्यम से ग्राम पंचायत द्वारा वार्डों और सार्वजनिक स्थानों पर सैनिटाजेइशन कराया जाता था। अब पिछले वर्ष से ज्यादा मरीज सामने आ रहे हैं ऐसे में जवाबदारों को गंभीरता से कार्य कराना चाहिए।