मप्र अनुसूचित जनजाति अधिकारी एव कर्मचारी संघ के व्दारा रविवार को डिण्डौरी में एक दिवसीय साकेतिक धरना दिया गया,साथ ही मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन टीआई कोतवाली को सौंपा।धरना देने के कारणो का अवगत करवाते हुए बतलाया गया कि अजाक्स के प्रांतीय अधिवेशन12 जून 2016 भोपाल में मुख्यमत्री व्दारा घोषणा क्रमांक बी2027 की गई थी कि ‘‘पदोन्नति में आरक्षण हर हाल में जारी रहेगा, उसके लिए यदि नियम बनाना होगा तो नियम बनाया जायेगा।वही मुख्यमत्री व्दारा की गई घोषणा के पालन हेतु सामान्य प्रषासन विभाग व्दारा सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता एव मध्यप्रदेष के स्पेषल कौसिल मनोज गोरकेला से नवीन पदोन्नति नियम का ड्राफ्ट तैयार करवाया गया जिसे सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिव्रत न्यायाधीष श्री सिघवी एव उव्व न्यायालय के सेवानिव्रत न्यायाधीष श्री गुप्ता व्दारा सविधान एव सर्वोच्च न्यायालय के निर्देषो के अनुरूप सही बताया है परन्तु सीएम सचिवालय मे वरिष्ठ अधिकारी के निर्देषन मे जो पदोन्नति नियम बनाया गया है वह सविधान के विपरीत है एव कूछ वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमत्री मुख्य सचिव एव मत्री समूह को गुमराह कर रहे है तथा सविधान के विरूध्द नियम बनाने के लिए पक्ष रख रहे है जो नियम विरूध्द होने के साथ साथ मुख्यमत्री की मंषा के विपरीत है,सघ ने अपील की है कि मुख्यमत्री व्दारा की गई घोषणा का पालन कराने सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता मनोज गोरकेला व्दारा तैयार कराया गया पदोन्नति नियम ड्राफ्ट को यथावथ लागू कर सभी वर्गो को पदोन्नति देने हेतू आदेष जारी किया जावे इसी मागं के मददेनजर आज रविवार को अजाक्स व्दारा एक दिवसीय साकेतिक धरना डिण्डौरी में दिया गया।
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