प्रदेश सहित मंडला जिले में पंचायती राज चुनाव के #आचारसंहितामेंभीनिवास क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहा अवैध परिवहन,कार्यवाही नाममात्र की,आखिर क्यों…?
बिना रॉयल्टी रेत का परिवहन करने वाले शिकंदर,नहीं हो पा रहे प्रशासन के काबू में।
छुटपुट कार्यवाही से मनमुक्त हुए राजस्व सहित जिम्मेदार अधिकारी
निवास क्षेत्र रेत के अवैध कारोबार की बड़ी मंडी बन गया है। यहां 24 घंटे दिन हो रात रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है।
भंडारण के नाम पर अवैध उत्खनन कर धड़ल्ले से परिवहन किया जा रहा है। प्रशासन की अनदेखी से सक्रिय रेत माफिया रोजाना शासन को लाखों रुपए के राजस्व की क्षति पहुंचा रहे हैं। खास बात यह है कि सब जानकर भी खनिज विभाग व राजस्व का अमला खामोश बैठा हुआ है।
मालूम हो कि प्रतिदिन ट्रक, ट्रैक्टर के माध्यम से पत्थर, मुरुम तथा रेत से भरी गाड़ियां स्थानीय राजस्व व तहसीलदार निवास के सामने से होकर गुजर रही हैं। लेकिन, प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
अवैध रूप से उत्खनन और परिवहन का खेल कहीं न कहीं माफिया के गुप्तचरों के बलबूते चल रहा है। अफसरों की कार्रवाई करने से पहले इन माफियाओं को कार्रवाई होने की भनक लग जाती है, जिसके चलते यह माफिया भी अफसरों के आने से पहले ही मार्ग से गायब हो जाते हैं। हाईटेक प्रणाली से रेत माफिया लोग कार्य कर रहे हैं। और वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कि निवास के स्थानीय राजस्व अधिकारी एवं जिले के संबंधित विभाग को प्रतिमाह मोटी रकम देते है इस एवज में अवैध रेत उत्खनन कार्य करते हैं।
क्षेत्र में लगातार पत्थर, मुरुम व रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। इसके बाद भी संबंधित अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जबकि इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए हैं। संबंधित खनिज विभाग और, राजस्व व पुलिस विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
रोज दर्जनों ट्रिप हाईवा सहित ट्रैक्टर से रेत का परिवहन किया जा रहा है। ऐसा नहीं है कि इस मामले कि जानकारी प्रशासन को नहीं है। आम लोगों को अवैध रेत परिवहन उत्खनन करते हुए पकड़े जाने पर तत्परतापूर्वक कार्रवाई करने वाला प्रशासन रसूखदारों पर कार्रवाई करने से कतरा रहा है।
जिस पर कार्रवाई नहीं होना, स्थानीय प्रशासन और खनिज विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। इस कारोबार से जुड़े लोगों की मानें तो रेत भंडारण के नाम से रेत का अवैध रूप से खनन कर उसे भंडारित करने के मामले में विभागीय अधिकारी और कर्मचारियों के रिश्तेदार भी संलिप्त है, जिससे विभागीय अमला कार्रवाई करने में गुरेज बरत रहा है।
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देवेंद्र चौधरी निवास✍️✍️✍️