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जनपद सीईओ पर कमीशन मांगने के आरोप लगने के बाद सीईओ के पक्ष में सामने आए जनप्रतिनिधि व जनपद स्तरीय प्रशासनिक संगठन,एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, शिकायतकर्ता सप्लायर के विरुद्ध की कार्यवाही की मांग

शहपुरा । जनपद पंचायत शहपुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के ऊपर विगत दिनों लगे आरोपों के बाद मामला थाने में शिकायत तक पहुंचा, इसके बाद मामले में एक कड़ी और बढ़ गई जब सरपंच संघ, जनपद अधिकारी कर्मचारी संघ, ग्राम रोजगार सहायक संघ और सचिव संघ ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को सीईओ के पक्ष में आवेदन दिया है, आवेदन के अनुसार तथाकथित सामग्री सप्लायरों के द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत शहपुरा के विरूद्ध कूटरचित रूप से की गई शिकायत का आरोप लगाते हुए शिकायत की है कि समाचार पत्र में दिनांक 19/08/2023 को प्रकाशित समाचार में भी इसका उल्लेख किया गया है। समाचार के संबंध में जनपद पंचायत शहपुरा के हम समस्त 69 ग्राम पंचायतों के समस्त सरपंच सचिव ग्राम रोजगार सहायक, जनपद अधिकारी कर्मचारी संघों लिखित तौर पर आवेदन दिया की ग्राम पंचायतों में सामग्री सप्लायरों के द्वारा कूटरचित रूप से सीईओ जनपद पंचायत शहपुरा के विरुद्ध आरोप लगाया गया है, जो पूर्णत असत्य एवं गलत है। क्योंकि ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य एवं भुगतान हेतु निर्माण एजेन्सी ग्राम पंचायत होती है एवं निर्माण से लेकर भुगतान की प्रक्रिया तक संपूर्ण जबाबदेही ग्राम पंचायत की होती है। इसमें सप्लायरों की कोई भूमिका नहीं होती, इसलिये कमीशन मांगने सबंधी आरोप पूर्णतः असत्य एवं निराधार है।

संबंधित सभी निर्माण कार्यों का स्थल निरीक्षण कर सत्यापन कर विधि संगत रिकार्ड दुरूस्त करवाकर निर्माण कार्यों का भुगतान करवाया जाता है. एवं किसी प्रकार से कोई भी राशि की मांग नहीं की जाती है। सप्लायरों द्वारा निजी स्वार्थवश कूटरचित रचना कर जनपद को बदनाम एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी महोदय की छवि को धूमिल किया जा रहा है। संबंधित सप्लायर के द्वारा पूर्व में भी ऐसी ही शिकायत ग्राम पंचायत मरवारी में पदस्थ सरपंच, सचिव एवं ग्राम रोजगार सहायक के ऊपर 1.00 लाख रूपये मांगने का झूठा आरोप लगाया गया था। सप्लायर विरेन्द्र तिवारी आदतन शिकायतकर्ता है। संबंधित शिकायतकर्ता के ऊपर कठोर कार्यवाही करने की मांग की गई है। साथ ही उक्त सप्लायर के वेन्डर का रजिस्ट्रेशन जनपद एवं जिला के मनरेगा पोर्टल / पंचायत दर्पण पोर्टल / ई-ग्राम स्वराज पोर्टल से डिलीट करने की कार्यवाही किया जाये, और संबंधित फर्म के जीएसटी तथा स्टाक पंजी की जांच किया जाये। अन्यथा हमारा संगठन कलमबंद हड़ताल करने के लिये बाध्य रहेगा।

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