पक्की नहर बनाकर पानी खेतों तक नहीं पहुंचने पर करेंगे चुनाव का बहिष्कार…12 ग्रामों के किसानों ने किया प्रस्ताव पारित

मेहंदवानी से काशी अग्रवाल/संदीप रजक की रिपोर्ट
शहपुरा/मेंहदवानी – शहपुरा विधानसभा अंतर्गत विकास खंड मेंहदवानी के ग्राम देवरगढ़ में जल संसाधन विभाग द्वारा दनदना नदी पर लगभग 16 वर्ष पूर्व जलाशय का निर्माण कराया गया है। खेतों की सिंचाई के उद्देश्य से बनाए गए दनदना जलाशय के नहर निर्माण में जल संसाधन विभाग द्वारा भारी भ्रष्टाचार किया गया और नहर के नाम पर किसानों की जमीन अधिग्रहण कर मिट्टी से नहर बना दिया गया है नतीजतन नहर हर वर्ष फूट जाती है जिससे किसानों के खेतों में पानी भर जाता है और किसानों की फसल बरबाद हो जाती है। नहर फूटने से जिन किसानों के खेत में पानी भर जाता है उसका भी नुकसान होता है और जिन किसानों के खेत तक पानी नहीं पहुंचता उन किसानों की फसल सूख जाती है।यह सिलसिला कई वर्षों से चला आ रहा है।

किसानों ने कई बार की शिकायत नतीजा सिफर
दनदना जलाशय के नहर से पानी नहीं मिलने की शिकायत किसानों द्वारा शासन प्रशासन को कई बार किया गया है लेकिन जल संसाधन विभाग द्वारा हर वर्ष नहर मरम्मत के नाम पर मिट्टी डालकर खानापूर्ति कर दी जाती है जिससे नहर फूट जाती है। किसानों ने बताया कि इस संबंध में कलेक्टर जनसुनवाई से लेकर सांसद विधायक को आवेदन देकर सीमेंट कांक्रीट की पक्की नहर बनवाने की मांग की गई थी लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।

12 ग्रामों के किसानों ने लिया चुनाव बहिष्कार का निर्णय
दनदना जलाशय के नहर से पानी नहीं मिलने पर ग्राम पंचायत भवन कठौतिया में बुधवार को 12 गांवों के किसानों ने बैठक का आयोजन किया जहां सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया कि शासन प्रशासन द्वारा चुनाव पूर्व तक पक्की नहर निर्माण कराकर पानी चालू नहीं कराया गया तो आगामी विधानसभा, लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
इन ग्रामों के किसान हुए शामिल
नहर से पानी नहीं मिलने की समस्या से जूझ रहे ग्राम चाटा, सुखलौंड़ी,गुंझियारी,राखी,खम्हरिया, उमरिया,सुड़गांव, खजरवारा, कठौतिया, पारापानी,बगली एवं ग्राम भुरका के किसानों के द्वारा चुनाव पूर्व पक्की नहर बनाकर पानी चालू नहीं होने पर विधानसभा एवं लोकसभा चुनाव बहिष्कार करने का प्रस्ताव पारित किया गया है।
कठौतिया में नारेबाजी कर किया विरोध प्रदर्शन
6 ग्राम पंचायतों के 12 गांवों के किसानों के द्वारा पहले बैठक आयोजन कर चुनाव बहिष्कार करने का प्रस्ताव पारित किया इसके बाद ग्राम कठौतिया के मुख्य मार्ग से होते हुए रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान नहर से पानी नहीं तो विधानसभा चुनाव में वोट नहीं का नारा लगा रहे थे।
