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मेहन्द्ववानी मैं “पेंशन नहीं तो वोट नहीं” के नारों के साथ एनपीएस के विरोध में धरना प्रदर्शन

  • लोकविचार मेहन्द्ववानी
  • *ब्लाकवार धरना के क्रम में मेहदवानी में TWTA ने नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
  • ट्रायबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन द्वारा 30सितंबर से पूरे प्रदेश में पुरानी पेंशन बहाल करने के लिए ब्लाकवार धरना प्रदर्शन, रैली एवं ज्ञापन का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसी क्रम में ट्रायबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन के प्रांत अध्यक्ष डीके सिंगौर,जिला अध्यक्ष सनत तिवारी, जिला उपाध्यक्ष इनायत अली,राम कुमार चंद्रोल,नारायण प्रसाद साहू ,राम कुमार मरकाम , वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष बी एल साहू, सुशील नागेश्वर प्रांतीय उपाध्यक्ष,प्रांतीय सह कोषाध्यक्ष कमलेश कुमार गुप्ता,मरावी जी जिला अध्यक्ष मंडला ,श्याम वैरागी आई टी सेल प्रभारी ,संजीव सोनी प्रांतीय प्रवक्ता नैनपुर,श्रीमती सुमित्रा झरिया आई टी सेल प्रभारी, श्रीमती शिवानी तिवारी उपाध्यक्ष, श्रीमती लाजवंती जीवनानी संयुक्त सचिव, तहसील शाखा शहपुरा से विनोद कुमार ठाकुर अध्यक्ष, धोकल सिंह मरकाम महासचिव,हेतराम साहू कोषाध्यक्ष,प्रमोद झरिया वरिष्ठ उपाध्यक्ष, मीना साहू उपाध्यक्ष,उमेन्द्र दुबे ब्लॉक उपाध्यक्ष शहपुरा,रामचरण मरावी ब्लॉक उपाध्यक्ष मेहदवानी , कोषाध्यक्ष राकेश कुमार साहू ,संगठन मंत्री विद्यासागर साहू,परमानंद भावरे, गंगाराम साहू,धर्मराज रहंगडाले ,जसवंत ठाकुर,लाल सिंह परस्ते, के के साहू,सह संगठन मंत्री राम चरण साहू बी ए सी,अनेक राम साहू ,जोधा साहू,लक्ष्मी प्रसाद साहू,महिला प्रकोष्ठ श्रीमती मीरा सल्लाम,वंदना साहू,वंदना हरदहा,सिया परते की गरिमामय उपस्थिति में आयोजित धरना प्रदर्शन में सभी विभागों के कर्मचारियों ने मेहदवानी में एक दिवसीय धरना दिया। ज्ञात हो कि केंद्र सरकार ने 2004 से तथा मध्यप्रदेश सरकार ने 2005 से सभी कर्मचारियों की पेंशन बंद कर नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) के तहत बीमा कंपनियों के माध्यम से पेंशन दे रही है। जिसमें वेतन से 10% कर्मचारी का अंशदान और 10% सरकार का अंशदान एनएसडीएल के माध्यम से सरकार द्वारा शेयर मार्केट में लगाया जाता है। सेवानिवृत्ति के बाद जमा अंशदान से कर्मचारी द्वारा बीमा कंपनियों का एनयूटी फार्म खरीदना अनिवार्य है, जिसके ब्याज पर कर्मचारियों को एक निश्चित राशि (वर्तमान में 500 से 2000 रूपए ) पेंशन के रूप में निर्धारित होती है, जिसमें हअलग पेंशन के हकदार हो जाते हैं, इस तरह विधायक/सांसद 4-4, 5-5 पेंशन के रूप में लाखों रुपए और अन्य सुख सुविधाओं का लाभ उठाते हैं। अपने उद्बोधन में प्रांतीय अध्यक्ष डीके सिंगौर ने मांग की कि यदि एनपीएस इतनी ही अच्छी योजना है तो विधायक, सांसद भी अपने वेतन से अंशदान कटवाकर उसके ब्याज से पेंशन क्यों नहीं लेते??? प्रांतीय प्रवक्ता संजीव सोनी ने बताया कि शिक्षाकर्मी, गुरूजी, संविदा शिक्षक, अध्यापक काल में शुरू के 13 वर्षों तक एक रूपए की भी कटौती नहीं हुई, जिससे भी नवीन शिक्षण संवर्ग के कर्मचारियों के खाते में ज्यादा राशि जमा नहीं होने के कारण भी बहुत से कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद 400 से 700 रुपए पेंशन बन रही है। आन्दोलनरत् कर्मचारियों ने मांग की कि उन्हें शिक्षाकर्मी, गुरूजी, संविदा शिक्षक के सेवाकाल की गणना कर ग्रेजुएटी और पेंशन का लाभ दिया जाए। तथा पूरक शैक्षिक अहर्ताओं को शिथिल करते हुए मृत कर्मचारियों के परिवार को अनुकंपा का लाभ दिया जाए। कर्मचारियों ने *पेंशन नहीं तो वोट नहीं* का संकल्प लिया। सभी कर्मचारी रैली में एनपीएस-हाय हाय, पुरानी पेंशन बहाल करो, पेंशन नहीं तो वोट नहीं के बुलंद नारों के साथ रैली करते हुए कार्यालय जाकर नायब तहसीलदार महोदय को मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

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