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तीन किमी दूर से पेयजल लाने मज़बूर गंगूटोला के रहवासी, सड़क से उठ रहे धूल के गुबार, ग्रामीण परेशान

- लोकविचार समनापुर। समनापुर जनपद मुख्यालय से गंगूटोला तक ग्रेवल रोड का निर्माण कराया गया था जिससे धूल का गुबार निकल से है ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है, कि बरसात हो या गर्मी घर से निस्तारी पानी बहने के चलते रास्ते में कीचड़ हो जाती है, जिससे निकल भी नहीं पाते हैं। साथ ही दिनभर वाहनों के निकलने से धूल उड़ती रहती है। धूल उड़ने से ग्रामीणों को कई प्रकार की बीमारियां फैलने की आशंका बनी हुई है।
- गौरतलब है कि समनापुर जनपद मुख्यालय से गंगूटोला तक 2 किमी की ग्रेवल रोड 2015 में 14 लाख की लागत से निर्माण कराया गया था जिसमें मुरुम – मिट्टी डाली गयी थी जो अब खस्ताहाल स्थति में है। इस सड़क का न तो ग्राम पंचायत द्वारा मरम्मत करवाया जा रहा है, और न ही प्रधानमंत्री सड़क योजना से बन पा रही है। ऐसे में इस मार्ग पर धूल के गुबार उठ रहे हैं। धूल उड़ने से ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। भारी वाहन के आवाजाही से परेशानी बढ़ती जा रही है। भारी वाहन के पीछे-पीछे चलने वाले छोटे-छोटे वाहन खासकर बाइक चालकों को ज्यादा परेशानी हो रही है एवं सड़क किनारे मकानों में धूल की चादर चढ़ गयी है। सड़क पर उड़ रही धूल बाइक चालक की आंखों में घुस जाती है। इससे अक्सर दुर्घटना होनी की संभावना बनी रहती है। छोटे वाहन चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर चलना पड़ता है। ग्रामीणों ने उक्त रोड प्रधानमंत्री सड़क योजना में शामिल कर शीघ्र बनाए जाने की मांग की है।। तीन किमी दूर से पानी ला रहे गंगूटोला के रहवासी गंगूटोला के बाशिंदे बूंद-बूंद पानी के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं, लेकिन पानी की समस्या से निजात नहीं मिल पा रही है। गांव में पानी की व्यवस्था न होने के कारण ग्रामीण परेशान हैं लेकिन जिम्मेदारों द्वारा ग्रामीणों को पानी उपलब्ध कराए जाने के प्रयास नहीं किए जा रहे है समनापुर के गंगूटोला में पानी की समस्या सालों पुरानी है। इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा ठोस प्रयास नहीं किए गए। बूंद-बूंद पानी के लिए लोगों को परेशान होना पड़ रहा है। हालांकि ग्रामीण कई बार तहसीलदार से लेकर मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखकर गांव की पेयजल समस्या से निजात दिलाए जाने की मांग कर चुके हैं। यहां तक कि जनप्रतिनिधियों से भी मांग की जा चुकी है, लेकिन किसी ने भी ग्रामीणों की जायज मांग को तवज्जो नहीं दी। सरकार गांवों में पानी की समस्या से निपटने के लिए न-केवल करोड़ों रुपए खर्च कर रही है बल्कि कार्ययोजना बनाकर पानी उपलब्ध कराए जाने का ढिंढोरा भी पीटा जा रहा है, लेकिन आज भी गांवों में पानी उपलब्ध नहीं है। पानी की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों में सरकार के प्रति नाराजगी बनी हुई है। अभी गर्मी का मौसम आने को और ग्रामीण ठंडी में ही पानी के लिए जद्दोजहद करने लगे हैं। आने वाले दिनों में जल संकट भयावह रूप ले सकता है। हैं।
- यह कैसी नल-जल योजना गंगूटोला के ग्रामीणों की मानें तो लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा 10 वर्ष पूर्व गांव में नल-जल योजना के तहत पाइप लाइन बिछाई गई थी। तब ग्रामीणों ने खुशी का इजहार किया था कि अब गांव के बाशिंदों को शुद्ध व साफ पानी मिलेगा, लेकिन यह खुशी चंद दिनों में ही काफूर हो गई। गांव के रतन बर्मन , सरद सोनी आदि ने बताया कि करीब 10 साल पूर्व गांव में पीएचई विभाग द्वारा पाइप लाइन डाली थी, लेकिन वह भी अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गई।
महिलाएं ला रहीं दूर-दूर से पानी
ग्राम की महिलाएं सुबह करीब 4 बजे उठकर पानी के लिए जद्दोजहद करने में लग जाती हैं। सिर पर बर्तन रखे महिलाएं 3 से 5 किमी दूर जाकर खेतों में स्थित निजी कुएं से पानी भर कर ला रही हैं। इतना ही नहीं ग्राम के पुरुष साईकिल में डब्बे बांधकर रोज दूरस्थ स्थानों से पानी ला रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार कई किमी दूर से पानी लाने में सुबह व शाम का समय जोड़ा जाए तो 6 से 8 घंटे का समय पानी लाने में ही जाया हो जाता है।
इनका कहना है
यह मामला आपके द्वारा संज्ञान में लाया गया है दिखलाता हूँ।पवित्र राम टांडिया जनपद सीईओ समनापुर

