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Lokvichar Exclusive :- कारगिल शहीद के परिवार की प्रसाशन,जनप्रतिनिधियों ने नही ली सुध,कारगिल युध्द मे शहीद हुये थे बिहारी सिंह…

Lokvichar Exclusive :- कारगिल शहीद के परिवार की प्रसाशन,जनप्रतिनिधियों ने नही ली सुध,कारगिल युध्द मे शहीद हुये थे बिहारी सिंह…

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काशी अग्रवाल शहपुरा। शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले
वतन पर मिटने वालों का बाकी यही निशां होगा
उक्त पंक्तियां आये दिनों शहीदों के सम्मान में कहते सुना जाता है लेकिन वास्तव में हालात उलट हो चुके हैं देश की आन बान और शान के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों को भुला दिया गया है, कम से कम डिण्डोरी जिले में कुछ ऐसा ही है आज कारगिल विजय दिवस के अवसर पर जिले के वीर जिसने करगिल में अपने प्राणों की आहुति देकर सीमा की रक्षा की है उसे भूला दिया गया है परिजन इस बात से गौरवान्वित हैं कि उनके लाल ने देश की रक्षा करते हुए शहादत पाई है लेकिन उन्हें मलाल वर्तमान सिस्टम का है जिसने आज के दिन भी शहीद को याद करना मुनासिब नही समझा।

विकासखण्ड शहपुरा के छोटे से गांव कोहानी देवरी के रहने वाले भारत माता के वीर सपूत बिहारी सिंह आज से 22 साल पहले कारगिल युद्ध मे शहीद हो गये थे आज एक ओर पूरा देश कारगिल विजय दिवस मना रहा है देश के अमर शहीदो को नमन कर रहा है तो वही दूसरी ओर शहपुरा के कोहानी देवरी गाँव मे शहीद बिहारी सिंह के घर पर सन्नाटा पसरा हुआ था प्रसाशन सहित जनप्रतिनिधियों का कोई भी अमला और न ही कोई नेताओ को शहीद को श्रद्धांजलि देने की फुर्सत नही थी कुछ वर्ष पूर्व शासन प्रसाशन और जनप्रतिनिधियों ने एक बार बडे ताम झाम के साथ आयोजन कर शहीद बिहारी सिंह को श्रद्धांजलि दी थी परंतु दोबारा कभी कोई आयोजन नही हुआ न ही किसी अधिकारी ,जनप्रतिनिधि ने शहीद के परिवारजनो की कोई सुध ली।

अधिकारी और नेता व्यस्त

जिले और देश के गौरव बिहारी की शहादत को प्रशासन ने याद करना प्रशासन ने उचित नही समझा, वातानुकूलित कमरे में बैठे अधिकारी मौसम का आनन्द ले रहे हैं तो नेता ज्ञापन लेने देने, सदस्यता कराने सहित सत्ता सुख भोगने में लगे हैं।

कारगिल विजय दिवस स्वतंत्र भारत के सभी देशवासियों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण दिवस है। भारत में प्रत्येक वर्ष 26 जुलाई को यह दिवस मनाया जाता है। इस दिन भारत और पाकिस्तान की सेनाओं के बीच वर्ष 1999 में कारगिल युद्ध हुआ था जो लगभग 60 दिनों तक चला और 26 जुलाई के दिन उसका अंत हुआ और इसमें भारत विजय हुआ। कारगिल विजय दिवस युद्ध में शहीद हुए भारतीय जवानों के सम्मान हेतु यह दिवस मनाया जाता है।

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