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प्रशासन के मिस मैनेजमेंट की भेंट चढा राज्यपाल का कार्यक्रम,मंच पर तवज्जो न मिलने से गुस्साए विधायक,कलेक्टर ने किया बोलते हुए विधायक का माईक बंद,राज्यपाल के भाषण के दौरान सभा से की गई नारेबाजी,राज्यपाल के मंच से उतरते ही महिलाओं ने रास्ता रोका

प्रशासन के मिस मैनेजमेंट की भेंट चढा राज्यपाल का कार्यक्रम
मंच पर तवज्जो न मिलने से गुस्साए विधायक
कलेक्टर ने किया बोलते हुए विधायक का माईक बंद
राज्यपाल के भाषण के दौरान सभा से की गई नारेबाजी
राज्यपाल के मंच से उतरते ही महिलाओं ने रास्ता रोका

डिण्डौरी। विशिष्ट व्यक्तियों के आगमन के दौरान क्षेत्रीय विधायक ओमकार मरकाम के नाराज होने का सिलसिला लगातार जारी है। ताजा मामला मंगलवार की शाम वनग्राम चांडा में प्रकाश में आया, जहां महामाहिम राज्यपाल मंगु भाई पटेल के आगमन पर आयोजित हितलाभ कार्यक्रम के अंत में मंच पर ही पूर्व केविनेट मंत्री और वर्तमान ओमकार मरकाम ने नाराजगी जताई और प्रशासन पर पक्षपात के आरोप लगा अपनी बात राज्यपाल के समक्ष रखने की कोशिश करने लगे। लेकिन ऐसा करने के पूर्व ही विधायक को रोक लिया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष व विधायक के बीच हुई नोकझोंक
जिसके बाद मंच पर उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति धुर्वे और विधायक मरकाम के बीच कहासुनी हो गई। जिला पंचायत अध्यक्ष ने विधायक को लताडते हुये कहा कि हर कार्यक्रम में इसी तरह का रवैया शोभा नहीं देता, राज्यपाल जी ने अलग से समय दिया है उस समय जाकर अपनी बात रखी जा सकती है लेकिन विधायक नहीं माने इस बीच आम जन के बीच बैठे विधायक समर्थक नारेबाजी करने लगे जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और नारेबाजी कर रहे कार्यकर्ताओं को बाहर का रास्ता दिखाया।
बिगड गई व्यवस्था
राज्यपाल के कार्यक्रम में बिगड़ रही व्यवस्था के मद्देनजर आला अधिकारी हरकत में आये और मोर्चा संभाल स्थिति को नियंत्रण में लिया। हालांकि कुछ देर के बाद मंच के सामने भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी को भी अंजाम दिया। मंच के नीचे तो भाजपा व कांग्रेस कार्यकर्ता ही आपस में भिडने लगे इस बीच पुलिस ने मोर्चा संभाला और सभी को बाहर का रास्ता दिखाया।
महिला नेत्रियों ने बताया लोकतंत्र का अपमान
मामला यहीं नहीं थमा बल्कि कार्यक्रम के बाद विधायक समर्थकों ने रोड पर ही विधायक मरकाम के समर्थन में हल्ला मचाया। पूरे मामले पर राज्यसभा सांसद संपतिया उइके और जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति प्रकाश धुर्वे ने विधायक के आचरण को आड़े हाथों लिया है। वहीं विधायक ने इस बाबत प्रशासन को तानाशाह करार देते हुए कहा कि प्रशासन खुद ही बैगाचक की समस्याओं को गवर्नर से छुपाने की कोशिश कर रहा है। इसलिए स्थानीय विधायक को उनके ही निर्वाचन क्षेत्र में उनके मतदाताओं के सामने संबोधन नहीं करने दिया गया है। विधायक ने पूरे घटनाक्रम को संबैधानिक महामहिम राज्यपाल के समक्ष लोकतंत्र का अपमान भी बतलाया है।
संबोधन नहीं होने से विधायक नाराज
संविधान और कानून की दुहाई देने वाला डिंडोरी जिला प्रशासन आज एक तरफा कार्य पद्धति और फरमान पर नतमस्तक साबित हुआ। आज डिंडोरी जिले के वनांचल पहुंचे राज्यपाल महामहिम पटेल जी, राज्यसभा सांसद संपतिया उइके, जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति प्रकाश धुर्वे एवं मंच साझा कर रहे थे वहीं वर्तमान विधायक ओमकार सिंह मरकाम भी वही मंच पर उपस्थित थे। जब सभा में क्षेत्र की जनता को संपतिया उइके और महामहिम द्वारा उद्बोधन किया गया उसके बाद तत्काल ही जिला प्रशासन ने ओमकार मरकाम को ना बोलने दे कर सीधा कार्यक्रम का समापन की घोषणा कर दी। कार्यक्रम के समापन करने एवं मंच के माध्यम से उद्बोधन करने को ना मिलने के बाद विधायक ओमकार मरकाम का गुस्सा चरम पर था वह राज्यपाल के सामने ही संविधान और कानून की दुहाई देने लगे, पर एकतरफा फरमान से नतमस्तक जिला प्रशासन जैसे सत्तारूढ़ पार्टियों की गुलामी करने में व्यस्त था, एक और जहां जिला पंचायत अध्यक्ष ज्योति प्रकाश धुर्वे और ओमकार मरकाम विधायक की तीखी नोकझोंक मंच पर हुई।
राज्यपाल का काफिला रोका
मंच पर प्रशासन के मिस मैनेजमेंट का नमूना तो सभी ने देखा वहीं आम जन के बीच से भी नारेबाजी ने महामहिम के उद्बोधन में खलल डाला इसके बाद हद तब हो गई जब राज्यपाल वापिस रेस्टहाउस की ओर जाने लगे तभी महिलाओं ने उनके काफिले का रास्ता रांेक लिया रसोईया संघ की महिलाओ ंने वेतन बढाने की मांग को लेकर यहां प्रदर्शन किया कलेक्टर खुद आगे आकर रास्ता साफ कराते देखे गये कुल मिलाकर प्रशासन की बदइंतजामी, इंटेलिजेंस फेलुअर के चलते पूरा कार्यक्रम धराशायी हो गया।
विधायक और प्रदर्शन का पुराना रिकार्ड
अगर विधायक की कार्यप्रणाली की बात की जाये तो वह प्रदर्शन के आदतन हैं चाहे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह का कार्यक्रम हो या पूर्व राज्यपाल आनंदी बेन पटेल का या फिर प्रभारी मंत्रियों के आगमन का हर जगह विधायक प्रदर्शन में जुट जाते हैं उनके पुराने इतिहास को देखते हुये भी प्रशासन ने अपनी ओर से कोई पूर्व प्रयास नहीं किये और पिछले कई दिनों से आयोजन की सफल तैयारियों पर ग्रहण लग गया।
इनका कहना है
— विधायक की हर बार की आदत है जब भी कोई विशिष्ट इस जिले में आता है इनका यही रवैया रहता है अपनी बात कहने के कई तरीके होते हैं पर हमेशा यह इसी तरह विरोध में जुट जाते हैं महामहिम राज्यपाल की गरिमा का भी इन्होंने ख्याल नहीं रखा।
ज्योति प्रकाश धुर्वे, अध्यक्ष जिला पंचायत
यदि प्रोटोकॉल में उनका नाम नहीं था तो उनको जुड़वाना था, मेने भी क्षेत्रीय जनता को प्रदेश के प्रतिनिधित्व करने के चलते बोला, यह घटना गलत है-
समपतिया उइके राज्यसभा सांसद, राज्यसभा क्षेत्र मंडला।
क्षेत्रीय जनता की समस्याओं को लेकर में उनकी ओर से मंच पर बोलने का में इंतजार कर रहा था पर जिला प्रशासन ने एक बार फिर मुझे न बोलने देना क्षेत्रीय जनता जनार्दन का अपमान है-
ओमकार मरकाम विधायक, विधानसभा क्षेत्र डिंडोरी

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