विगत दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ बजाग मड़ई लगाई गई। पुलिस और ग्राम पंचायत बजाग रैयत की चुस्त दुरुस्त व्यवस्था के बीच जनता की भारी भीड़ के बावजूद कोई भी अप्रिय घटना शाम तक सामने नहीं आई । दो साल बाद लगी जिले की सबसे बड़ी मड़ई के प्रति लोगों में खासा उत्साह देखा गया। विशेषकर बच्चों और युवाओं ने तरह तरह के व्यंजनों , झूलों और मौत का कुआं एवम अन्य प्रदर्शनियों का जमकर लुत्फ उठाया। आठ दिन चलती है मड़ई- बजाग मड़ई को अघोषित रूप से जिले की सबसे बड़ी मड़ई होने का गौरव प्राप्त है। पहले दिन भारी संख्या में लोग मड़ई घूमने पहुँचे, जबकी अलग अलग गांवों से चंडी भी गाजे बाजे के साथ पहुँची, वहीं अहीर नृत्य ने भी लोगों के उत्साह को दोगुना कर दिया। देर शाम तक लोगों की आवाजाही बनी रही। कल से शुरू होगी खरीददारी- क्षेत्रीय जनमानस बजाग मड़ई का बेशब्री से इंतजार करता है। ग्रामीण शादी विवाह में देने के लिए सामग्री इत्यादि खरीदने के लिए भारी संख्या में बजाग पहुंचते हैं। पहले दिन भीड़ ज्यादा होती है व्यापार अपेक्षाकृत कम रहता है। दूसरे दिन से खरीददारी शुरू होती है जो पूरे एक हफ्ते तक जारी रहती है। एक अनुमान के मुताबिक बजाग मड़ई में तकरीबन 40 करोड़ रुपये का थोक एवम फुटकर व्यापार सभी दुकानदारों को मिलाकर होता है।आज दूसरे दिन को जिसे गुदरी मड़ई कहा जाता है उसमें भी भारी संख्या में लोगों के पहुँचने की उम्मीद की जा रही है।
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