अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के सम्मान में समर्पित है : कलेक्टर आजीविका रूरल मार्ट डिंडौरी में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का कार्यक्रम संपन्न हुआ

डिण्डोरी। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के सम्मान में समर्पित है, जिससे उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया जाता है, उनसे प्रेरणा ली जाती है। जिससे महिलाओं का आत्मसम्मान बढे़। कलेक्टर रत्नाकर झा मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ग्रामीण आजीविका मिशन द्वारा स्थापित आजीविका रूरल मॉर्ट के लोकार्पण के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योतिप्रकाश धुर्वे, मुख्यकार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अंजू अरूण कुमार, श्रीमती गीता सिंह, कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र, प्रबंधक एनआरएलएम श्रीमती मीना परते, जनपद पंचायत सदस्य सुश्री कीर्ति गुप्ता, श्रीमती अनीता सिंह सहित स्व-सहायता समूह की महिलाएं शामिल थीं। कलेक्टर रत्नाकर झा ने कहा कि जिले में स्व-सहायता समूहों माध्यम से महिलाओं ने स्थानीय उत्पादों को तैयार करते हुए रोजगार के लिए बेहतर कार्य किया है। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों के द्वारा तैयार किये गए उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में नाबार्ड और जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इससे स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपनी आय और अपने हुनर को निखार करने का अवसर मिलेगा।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योतिप्रकाश धुर्वे ने कहा कि महिलाएं वर्तमान परिवेश में अपने दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन कर रही है। महिलाएं कृषि, व्यापार, शैक्षणिक और उद्योग के क्षेत्र में लगातार आगे बढ रहीं हैं। उन्होंने कहा कि बेटा और बेटियों को खूब पढाएं, उन्हें आगे बढने का अवसर दें। बेटियां षिक्षित होंगी, तो दो परिवारों का भला होगा, जिसमें उसका मायका और ससुराल प्रमुख है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती धुर्वे ने कहा कि जिस परिवार की महिलाएं शिक्षित और सषक्त होंगी, वह परिवार तेजी से उन्नति करेगा, परिवार की प्रतिष्ठा बढेगी। उन्होंने कहा कि जिले में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं स्वयं का रोजगार स्थापित कर रहीं हैं। कोदो-कुटकी फसल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है। महिलाओं को कोदो-कुटकी फसल के उत्पादन से अच्छी खासी आय हो जाती है।
जिला पंचायत की मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजू अरूण कुमार ने कहा कि महिलाओं की आय बढाने के लिए स्व-सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। फसल की गुणवत्ता में सुधार किया जाएगा। फसलों के उत्पादन की मार्केटिंग करने के लिए उत्पादन का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। श्रीमती अनीता सिंह ने कहा कि महिलाओं को षिक्षित करना अति आवश्यक है। शिक्षा से ही महिलाओं का विकास होगा और वे हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करेंगी। जनपद पंचायत सदस्य श्रीमती कीर्ति गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को आगे बढाने के लिए आपसी सहयोग करना अति आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने हक और अधिकारों के लिए आगे आएं। आयोजित कार्यक्रम को कृषि वैज्ञानिक श्रीमती गीता सिंह ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर वंदना स्व-सहायता समूह, शारदा स्व-सहायता समूह और सरस्वती स्व-सहायता समूह को बेहतर कार्य करने के लिए पुरूस्कृत किया गया।
