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धर्म गुरुओं पर की गई अभद्र टिप्पणी को लेकर एक हुआ सकल जैन समाज , कार्यवाही किये जाने को लेकर तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन..


डिंडौरी — सोमवार के दिन डिंडौरी के जैन समाज ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और राज्यपाल के नाम तहसीलदार गोविंदराम सलामें के हांथों में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल द्वारा अल्पसंख्यक जैन समाज पर की गई अभद्र टिप्पणी की घोर निंदा एवं उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही किये जाने की मांग की गई है।
पत्र में यह भी दर्शाया गया है कि बुधवार दिनांक 26 मई 2022 को आदिवासी समाज के आह्वान पर ग्राम तूएगोंदी, थाना गुंडरदेही, जिला बालौद, छत्तीसगढ़ में आदिवासियों पर हुए हमलों को लेकर बालोद जिला बंद का आह्वान किया गया था, इसी दौरान मंच से छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल के द्वारा अल्पसंख्यक एवं अहिंसक जैन समाज के धार्मिक गुरुओं के खिलाफ अभद्र टिप्प्णी करते हुये जैन समाज का अपमान किया था। पत्र में इस बात का जिक्र भी है कि सम्पूर्ण विश्व मे जैन समाज “अहिंसा परमो धर्मह ” की रीति – नीति को अपनाते हुये “जियो और जीने दो “के सिद्धांत पर चलता आया है।बावजूद इसके खुले मंच से जैन मुनियों को लेकर अपशब्दों का प्रयोग किया गया है,जो समझ से परे है। जबकि छत्तीसगढ़ राज्य जो कि आपसी प्रेम और सद्भाव के लिए जाना जाता है, के लिए यह शुभ संकेत नहीं है।बल्कि यह बयान इस प्रेम सद्भाव के वातावरण में जहर घोलने वाला कृत्य है।अगर शासन इस प्रकार की कृत्य पर संज्ञान लेकर न्यायोचित कार्यवाही नहीं करेगी तो भविष्य में सभी जातियों, विशेष कर अल्पसंख्यकों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। छत्तीसगढ़ राज्य के इतिहास में यह पहली दफा है जब किसी साधु या संत को लेकर व्यक्ति विशेष द्वारा इस तरह की अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया है,जो कि बेहद निंदनीय है।जैन समाज ने पत्र के माध्यम से यह निवेदन किया है कि उक्त विषय को गंभीरता से लेते हुये निंदनीय कृत्य करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही करते हुये शीघ्रता से गिरफ्तार किया जाये।अन्यथा की स्थिति में सकल जैन समाज ,भारवर्ष एकजुट होकर विषय को संज्ञान में लेते हुए आवश्यक कार्यवाही को बाध्य होगा।
