प्रदेश

पेयजल संकट: बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे ग्रामीण, जान जोखिम में डालकर उतरते हैं कुएं में….

मप्र के आदिवासी जिला डिंडोरी में जलसंकट गहराया हुआ है। हालात यह है कि ग्रामीणों को जान जोखिम में डाल कर गहरे कुएं में पानी लेने उतरना पड़ रहा है। बावजूद इसके जिम्मेदार एक टैंकर पानी पहुँचाकर इतिश्री कर लिए।
नजारा डिंडोरी जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत घुसिया का है जहाँ कहने को नलजल योजना पहुँची है,10 से ज्यादा कुएं है 7 से ज्यादा हैंडपम्प है,पर जरा हालात पर ध्यान दीजिए। यह वीडियो बनावटी नही सच्चाई बया कर रही है कि कैसे बूंद बूंद पानी के लिए ग्रमीण महिला व पुरुष कुएं के नीचे जोखिम डाल कर रोजाना उतरते है और कुएं में रिस रहे पानी को छोटी कटोरी के सहारे बाल्टी के जरिये ऊपर पहुचाते है।ग्रामीण महिलाओ का कहना है भरी गर्मी हो या रात पानी के लिए कुएं की तकवारी करना पड़ता है।नर्मदा नदी गाँव से 3 किलो मीटर है तो वही हैंडपम से दूरी 1 किलोमीटर से ज्यादा।
ग्रामीण महिलाओ की माने तो हालात बारह महीने ऐसे ही रहते है पर जब जब गर्मी भीषण पड़ती है तो पानी के लिए तरस जाते है।वही घुसिया पंचायत की आबादी 10 हजार से ज्यादा है और मजरे टोले की संख्या 12 अब ऐसे में एक दिन में गाँव मे एक ही टैंकर पहुचते है तो कितने ग्रामीनो की प्यास बुझा सकेंगे।
वही ग्रामीण महिलाएं सरकार पर जिला प्रशासन पर अपना गुस्सा उतारते दिखाई दी,महिलाओ का कहना है कि जब तक पानी नही मिलेगा तब तक इस पंचायत चुनाव में वोट नही देंगे। भले ही डिंडोरी जिला में दोनो विधानसभा क्षेत्र के विधायक कांग्रेस के हो पर ध्यान कोई नही देता शिवराज सरकार को चाहिए कि ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए समाधान जल्द करना चाहिए।

lokvichar

मीडिया भारत का महत्वपूर्ण अंग है,लोकविचार इस अंग को और मजबूत बनाने के लिए सच को लेकर काम करता है हमारा उद्देश्य आप तक सिर्फ सच को समय पर पहुचाना है हम निडर और निष्पक्ष होकर काम करने मे विश्वास करते है लोकविचार आमजन की समस्याओं को समाज के बीच रखता है-लोकविचार

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button