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ग्रामीण ने पुलिस पर लगाए एक लाख की रिश्वत मांगने का आरोप,आरोपों को पुलिस ने नाकारा
पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से की शिकायत

जिले के समनापुर थाना प्रभारी व स्टाफ पर एक ग्रामीण गजेंद्र सिंह ने एक लाख रुपये मांगने के आरोप लगाते हुए कहा कि उसके भाई ने 20 हजार रु दिए और शेष राशि बाद में देने के आस्वासन के बाद ग्रामीण को छोड़ा गया, ग्रामीण ने घटना की शिकायत पुलिस अधीक्षक से करते हुए शपथ पत्र प्रस्तुत किया है।
क्या है मामला
शिकायत के अनुसार 20 जून को गजेंद्र के पास उमरिया गांव से हरिदास का फोन आया कि उसकी लड़की को सांप ने काट लिया है और उसे डिण्डोरी ले जाना है जिसके बाद गजेंद्र अपना वाहन लेकर गया और 2000 रु में बात करके डिण्डोरी आने लगा लेकिन रास्ते मे लडक़ी ने दम तोड़ दिया गजेंद्र ने वापिस गांव ले जाकर उन्हें छोड़ दिया। जिसके बाद पुलिस गजेंद्र को उठा ले आई और उससे 1 लाख की मांग की गई 20 हजार देने के बाद उसे छोड़ा गया जिसे गजेंद्र के भाई ने जेवरात गिरवी रखकर लाये थे।
पुलिस का पक्ष – लापरवाही से गई लड़की की जान
पूरे मामले पर थाना प्रभारी धीरज राज का कहना है कि परिजन व ग्रामीणों की शिकायत पर गजेंद्र को पूछताछ के लिए लाया गया, शिकायत है कि गजेंद्र ने पैसे न मिलने के कारण लड़की को अस्पताल तक नही ले गया और इसी लापरवाही के चलते लडक़ी की मौत हो गई, गजेंद्र पर पहले भी आर्म्स एक्ट के मामले हैं। शिकायत से वरिष्ठ अधिकारी भी अवगत हैं गजेंद्र अथवा उनके परिजनों से कोई राशि नही मांगी गई है।
जेवरात गिरवी मामले पर भी हो जांच
यहां एक महत्वपूर्ण बिंदु जिसकी जांच आवश्यक है गजेंद्र ने अपने शपथ पत्र व आवेदन में उल्लेख किया है कि उसके भाई ने जेवर गिरवी रख पैसों का इंतजाम किया है, चूंकि डिण्डोरी जिले में साहूकारी प्रथा पूरी तरह प्रतिबंधित है ऐसे में इसकी भी जांच होनी जरूरी है जिसके बाद मामला साफ हो जाएगा।
