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ग्रामीणों ने ठेकेदार पर लगाया अनियमितता का आरोप,जलजीवन मिशन के निर्माण कार्य में गुणवत्ता का नहीं रखा जा रहा हैं ध्यान…

लोकविचार, अखलाक कुरैशी, गोरखपुर
गोरखपुर -करंजिया विकासखंड के अंतर्गत ग्रामपंचायत झनकी में इन दिनों जलजीवन मिशन योजना के तहत प्रत्येक घरों में नल जल योजना से पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन बिछाया जा रहा हैं साथ ही नल कनेक्शन के पाइप लगाएं जा रहें हैं वहीं घरों के आसपास सार्वजनिक स्थानों पर पानी के लिए फाउंडेशन बनाकर पाइप खड़ा किया जा रहा हैं ग्रामीणों का आरोप हैं कि संबंधित ठेकेदार ने इन समस्त कार्यों को करने में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा हैं परिणाम स्वरूप फाउंडेशन बनतें ही टूट रहें हैं वहीं सार्वजनिक स्थानों में आमजन की प्यास बुझाने के लिए लगाए गए पाइप सीधे खड़े होते ही कांप रहें हैं ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि काम की स्थिति क्या होगी गुस्साए ग्रामीणों की मांग हैं कि ये उनके गांव के लिए सरकार के द्वारा दिया गया एक बड़ा सौगात हैं इसके निर्माण कार्य में घटिया और स्तरहीन सामग्री का उपयोग न करें बल्कि जोभी कार्य किया जा रहा हैं वह मजबूती के साथ किया जाएं। सीमेंट गिट्टी के स्थान पर बड़े बोल्डर का उपयोग -ग्राम के जागरूक नागरिक ,सुनउ तेकाम, जितेंद्र कुमार चंदेल,मनोहर सिंह मरकाम,उमेश मार्को ,आदि ने जानकारी में बताया कि ठेकेदार ने फाउंडेशन बनाने में हद दर्जे की लापरवाही करते हुए सीमेंट गिट्टी के स्थान पर बड़े बड़े बोल्डर से फाउंडेशन तैयार करवा रहा हैं इन फाउंडेशन की मजबूती का यह आलम हैं कि हल्के ताकत से हिलाने डुलाने में भरभरा कर गिर रहा हैं गुरुवार को प्रायमरी स्कूल के पास मुख्य मार्ग के दोनों ओर के फाउंडेशन की यहीं स्थिति हैं । ग्रामीणों का कहना हैं कि सरकार के द्वारा लाखों की लागत से गांव के अंदर पहली बार पेयजल की व्यवस्था बनाया जा रहा हैं इसलिए निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखना चाहिए ठेकेदार का क्या हैं उसे तो कागज में मजबूत कार्य की पूर्णता दिखाना है जमीनी स्तर पर चाहें कितना भी घटिया निर्माण हो । पोल न खुलें इसलिए नहीं लगाया कार्य का सूचना बोर्ड -ग्राम के भीखम सिंह सैयाम ने बताया कि
विभाग को कार्य में पारदर्शिता लाने निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड लगाना आवश्यक है। लेकिन कहीं भी सूचना बोर्ड नहीं लगा है। जबकि गांव में जल जीवन मिशन का काम जारी है, जिसके अंतर्गत पाइप लाइन विस्तार और पानी टंकी निर्माण का कार्य किया जा रहा हैं। यघपि निर्माण कार्यो की पोल न खुल जाए, ग्रामीण तथ्यों को न जान जाए इस कारण से सूचना बोर्ड नहीं लगाया है। स्टैंडर्ड वर्क या निर्धारित मानदंडों से कम गुणवत्ता के कार्य को ठेकेदार के द्वारा बेखौफ अंजाम दिया जा रहा है। सबसे आश्चर्यजनक बात यह कि जो तकनीकी अधिकारी हैं वें भी धरातल केकार्य को न तो देखने आतें और न ही सूक्ष्मता से जांच पड़ताल करतें इसलिए अनियमितता को बढ़ावा मिल रहा हैं।
