प्रदेश

भाजपा में फूट के बाद कार्यकर्ताओं में आक्रोश.. जिलाध्यक्ष, महामंत्री सहित भाजपा पदाधिकारियों के विरुद्ध खोला मोर्चा

डिण्डोरी। भारतीय जनता पार्टी में न सिर्फ अंतर्कलह है बल्कि पार्टी के अंदर भितरघात करने वालों की भी लंबी फेहरिस्त है, अब तक भाजपा 5 जनपद और जिला पंचायत अध्यक्ष उपाध्यक्ष का पद गंवा चुकी है। कमजोर संगठन, अंतर्कलह के चलते एक के बाद एक चुनाव में भाजपा ने शिकस्त खा ली है जिला पंचायत में जहां भाजपा समर्थित छह प्रत्याशी रहे हैं इसके बाद भी भाजपा ने अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर मात खा ली है और कांग्रेस ने बाजी मार ली है। भाजपा पदाधिकारियों ने पार्टी के जीते प्रत्याशियों को अपने कब्जे में रख उन्हें बरगलाते हुये विरोधी पक्ष को मतदान कराया हालांकि भाजपा की कद्दावर नेत्री ज्योति प्रकाश धुर्वे को हराने के लिये पहले से ही प्रयास किये जा रहे थे लेकिन उन्होंने सदस्य का चुनाव जीत लिया था इसके बाद पार्टी के पदाधिकारी लगातार उन्हें अध्यक्ष न बनाये जाने को लेकर लामबंद रहे जिसका परिणाम यह रहा कि अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा के तीन सदस्यों ने क्रास वोटिंग कर दी और टास के माध्यम से यह सीट कांग्रेस के पाले मे चली गई।संगठन द्वारा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी को हराने में भूमिका निभाई इस तरह के आरोप कार्यकर्ता लगा रहे हैं और वह भाजपा के जिला संगठन से खासे नाराज हैं। भाजपा ने यहां पर प्रभारी की नियुक्ति भी कर दी लेकिन अनुशासन की बात करने वाली भाजपा के पदाधिकारियों ने पार्टी में बगावत करा दी और परिणाम यह रहा कि पार्टी की प्रत्याशी को टाॅस में पराजय का सामना करना पडा।
भाजपा पदाधिकारियों ने राष्ट्रीय मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे के आवास पर पहुंचकर त्रि स्तरीय चुनाव में नाकाम रहे जिला संगठन के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा इस ज्ञापन में उन्होंने उल्लेख किया है कि विगत दिनों जिले में संपन्न त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में भा.ज.पा.के प्रत्याशियों की अकल्पनीय हार हुई है, और उस हार में भा.ज.पा. संगठन के लोग ही शामिल होकर कार्य को अंजाम दिये हैं। हम निष्ठावान कार्यकर्ता को पार्टी में ऐसे जयचंद जैसे लोगों की आवश्यकता नही है।

जिलाध्यक्ष, महामंत्री व अन्य पदाधिकारियों के विरूद्ध खोला मोर्चा


भाजपा के सैकडों कार्यकर्ताओं ने भाजपा जिलाध्यक्ष नरेन्द्र राजपूत, जिला महामंत्री अवधराज बिलैया, ज्ञानदीप त्रिपाठी, पार्षद आशीष वैश्य, नगर परिषद अध्यक्ष व अजजा मोर्चा के महामंत्री पंकज तेकाम, पूर्व जिला महामंत्री लल्लू प्रसाद दुबे, जिला पंचायत सदस्य वीरेन्द्र परस्ते और डाॅ चैन सिंह भवेदी, पूर्व मंडल अध्यक्ष मनोहर सोनी, मंडल अध्यक्ष करंजिया राजकुमार मोंगरे, मंडल अध्यक्ष शाहपुर सुशील राय, महिला मोर्चा उपाध्यक्ष रामकिशोरी ठाकुर और जिला उपाध्यक्ष एससी मोर्चा डॉ0 जितेन्द्र ब्यौहार पर संगठन विरोधी कार्य में जुड़े रहने और पार्टी के प्रत्याशियों के खिलाफ कार्य करने के आरोप लगाये हैं पार्टी के खिलाफ कार्य करने वालों को पार्टी के पद एवं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से उन्हें बाहर करने की मांग की। क्योंकि इन्हीं के चलते हम जनपद पंचायतों में अध्यक्ष नही बना पाये और जिला पंचायत के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का पद जो वर्षों से भा.ज.पा. के पास होता था उसे खो दिया है। कार्यकर्ताओं की मांग है कि भाजपा संगठन के खिलाफ कार्य करने वालों के ऊपर कार्यवाही नही होती है तो उनका त्यागपत्र स्वीकार किया जाये।

भाजपा जिलाध्यक्ष के समक्ष ही सैकडों कार्यकर्ताओं ने विरोध का बिगुल फूंक दिया और प्रदेश अध्यक्ष के नाम राष्ट्रीय मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे को ज्ञापन सौंपा जिलाध्यक्ष नरेन्द्र राजपूत जो घण्टों से राष्ट्रीय मंत्री के आवास पर मौजूद रहे उन्होने जैसे ही स्वयं के विरूद्ध ज्ञापन सौंपता देखा वह वहां से जाने लगे जिसके बाद उनसे पार्टी की अंतर्कलह व बगावत के संबंध में सवाल किया गया तो वह कैमरा देखकर ही भागने लगे और राष्ट्रीय मंत्री से इस विषय पर सवाल पूछने की बात कहने लगे। हालांकि राष्ट्रीय मंत्री के बयान के बाद उनसे पुनः संगठन के संबंध में सवाल पूछा गया दोबारा भी वह कैमरे से दूर रह सवालों से बचते रहे।
इनका कहना है

सवालों से भागते नजर आये जिलाध्यक्ष

त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव में पूरे जनपदों में अन्य दल के लोग बैठ गये, जिला पंचायत में हमारी संख्या 6 रहने के बाद भी हम टाॅस के माध्यम से हार गये, इसमें जिला संगठन जिम्मेदार है जिला अध्यक्ष जिम्मेदार हैं जिले के पदाधिकारी जिम्मेदार हैं जिसके प्रमाण हम प्रदेश संगठन को मांगने पर सौंप देंगे। हम चाहते हैं कि इन्हें निष्काषित किया जाये और किसी अन्य को जिम्मेदारी दी जाये। जिलाध्यक्ष नरेन्द्र राजपूत और उनकी टीम अवधराज बिलैया, पंकज सिंह तेकाम, ज्ञानदीप त्रिपाठी के निष्काशन की मांग की है ।

इनका कहना है-

कभी भी भाजपा की इतनी दुर्गति नहीं देखी, जिलाध्यक्ष व उनके सहयोगियों की पूरी जिम्मेदारी है। ज्ञानदीप त्रिपाठी को तो मैंने रेस्ट हाउस में ही कह दिया कि आप जिसे लेकर आये उसने भाजपा को वोट नहीं दिया है।
कृष्णलाल हस्तपुरिया, वरिष्ठ नेता भाजपा
कार्यकर्ताओं ने भाजपा के पदाधिकारियों के विरूद्ध जिन्होंने कांग्रेस को सहयोग किया है उनके विरूद्ध कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन दिया है और कार्रवाई नही ंहोने पर इस्तीफे की बात कही है।
ओमप्रकाश धुर्वे, राष्ट्रीय मंत्री भाजपा

lokvichar

मीडिया भारत का महत्वपूर्ण अंग है,लोकविचार इस अंग को और मजबूत बनाने के लिए सच को लेकर काम करता है हमारा उद्देश्य आप तक सिर्फ सच को समय पर पहुचाना है हम निडर और निष्पक्ष होकर काम करने मे विश्वास करते है लोकविचार आमजन की समस्याओं को समाज के बीच रखता है-लोकविचार

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button