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रिश्‍वत लेने वाले ए.एस.आई. को 04 वर्ष सश्रम कारावास की सजा

 डिण्‍डौरी:- मीडिया सेल प्रभारी डिण्‍डौरी द्वारा बताया गया कि,  आवेदक रेवा पाण्‍डेय पिता मथुरा प्रसाद निवासी डुण्‍डीसरई थाना शहपुरा  द्वारा दिनांक 04/01/2016 को लोकायुक्‍त पुलिस जबलपुर के समक्ष आवेदन प्रस्‍तुत किया कि, दिनांक 11/11/2015 को मेरे लडके संतोष पाण्‍डेय से ओमनी वेन चलाते समय रोड एक्‍सीडेंट हो गया था जिससे ईलाज के दौरान शैलेष साहू की मौत हो गई थी । मेरे लडके संतोष पाण्‍डेय के खिलाफ अपराध क्रमांक 782/15 धारा 304ए भादवि के तहत थाना शहपुरा में पंजीबद्ध हो गया था जिसका चालान न्‍यायालय में पेश हो गया है। उक्‍त प्रकरण में विवेचना ए.एस.आई. राघवेन्‍द्र तिवारी के द्वारा की गई थी । ए.एस.आई. राघवेन्‍द्र तिवारी द्वारा न्‍यायालयीन कार्यवाही में ईनाम के नाम पर 10000 रूपये रिश्‍वत की मांग कर रहे हैं । शिकायत पर लोकायुक्‍त पुलिस द्वारा मुझे टेप रिकार्डर दिया गया और फिर रिश्‍वत की लेन-देन की बात मैंने टेप रिकार्डर पर रिकार्ड कर लिया ।  आरोपी राघवेन्‍द्र तिवारी के निवास स्‍थान पर लोकायुक्‍त की टीम ने रिश्‍वत की राशि 5000/- रूपये लेते समय राघवेन्‍द्र तिवारी ए.एस.आई. को रंगे हाथ लोकायुक्‍त टीम ने पकड़ा । लोकायुक्‍त पुलिस जबलपुर द्वारा ट्रेप की सम्‍पूर्ण कार्यवाही उपरांत अपराध क्रमांक 08/20165 धारा 7, 13(1)डी, 13(2) भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम 1988 अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर चालान न्‍यायालय में पेश किया गया ,  विशेष न्‍यायालय भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनिय‍म डिण्‍डौरी द्वारा अभियोजन साक्ष्‍यों के साक्ष्‍य के आधार पर आरोपी राघवेन्‍द्र तिवारी पिता रामसुमरन उम्र 50 वर्ष  निवासी शहपुरा जिला डिण्‍डौरी  को धारा 13(1)डी सहपठित धारा 13(2) भ्रष्‍टाचार निवारण अधिनियम 1988 का दोषी पाते हुए 04 वर्ष सश्रम कारावास एवं 5000/- अर्थदण्‍ड की सजा से दण्डित किया । अर्थदण्‍ड की राशि अदा न करने पर 03 माह अतिरिक्‍त सश्रम कारावास भुगताये जाने के आदेश पारित किये गये । अभियोजन की ओर से श्री अब्‍दुल नसीम, अतिरिक्‍त जिला लोक अभियोजन अधिकारी डिण्‍डौरी द्वारा सशक्‍त संचालन किया गया ।
 

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