कमिश्नर जबलपुर ने मेहंदवानी प्रभारी प्राचार्य कुशवाहा को किया निलंबित

प्रमुख बाते-
महिला सहायक प्राध्यापिका ने लगाये थे बदसूलकी के आरोप
शिकायत के आधार पर मेहदवानी थाना में दर्ज हुआ था मामला
एसपी डिण्डौरी के प्रतिवेदित पत्र के आधार पर हुई कार्यवाही

शहपुरा। कमिश्नर जबलपुर व्दारा जारी आदेश के तहत डॉ. मनोज कुमार कुशवाहा, प्रभारी प्राचार्य, शासकीय महाविद्यालय, मेंहदवानी के विरूद्ध माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय डिण्डौरी में चालान पेश होने एवं मध्य प्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 का उल्लंघन किये जाने के फलस्वरूप मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के प्रावधानों के तहत डॉ. मनोज कुमार कुशवाहा, प्रभारी प्राचार्य, शासकीय महाविद्यालय, मेंहदवानी जिला डिण्डौरी को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा, जबलपुर संभाग, जबलपुर में नियत किया गया है। डॉ. कुशवाहा को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी। आदेश में वर्णित है कि पुलिस अधीक्षक, डिण्डौरी के पत्र में प्रतिवेदित किया गया है, कि डॉ. मनीषा कोल, सहायक प्राध्यापक, शासकीय महाविद्यालय, मेंहदवानी जिला डिण्डौरी की रिपोर्ट पर डॉ. मनोज कुमार कुशवाहा, प्रभारी प्राचार्य, शासकीय महाविद्यालय, मेंहदवानी जिला डिण्डौरी के विरूद्ध थाना मेंहदवानी में अपराध क्रमांक 207/2022 धारा 294,506 भा.द.वि. 3(2) व्हीए एस.सी./एस.टी. एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना उपरांत चालान क्रमांक 200/2022 दिनांक 22/10/2022 को तैयार किया जाकर माननीय प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय डिण्डौरी में दिनांक 02/11/2022 को चालान पेश किया गया है। प्रकरण माननीय न्यायालय में विचाराधीन है। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1996 के नियम-9 (1) (ख) में प्रावधान है कि शासकीय सेवक के विरूद्ध किसी भी दाण्डिक अपराध के संबंध में मामला अन्वेषण, जांच या परीक्षण के अधीन हो निलंबित कर सकेगा परन्तु शासकीय सेवक को सदैव निलंबित किया जाए, जबकि भ्रष्टाचार या अन्य नैतिक पतन में अन्तर्वलित दाण्डिक अपराध में उसके विरूद्ध चालान प्रस्तुत किया गया हो।
पीडित महिला ने भी कमिश्नर से लगाई थी न्याय की गुहार
21 दिसम्बर 2022 को मामले में पीडित सहायक प्राध्यापक डा मनीषा कोल ने जबलपुर कमिष्नर से मिल लिखित शिकायत कर माग की थी कि डा मनोज कुशवाहा ने उन्हे 3 सितम्बर 2022 को अश्लील एव गंदी गदी गालिया दी थी साथ ही जाति सूचक अपमानित भी किया था जिसकी प्राथमिकी उनके विरूध्द थाना मेहदवानी में दर्ज की गई है एव सम्पूर्ण विवेचना में डा मनोज कुषवाहा को दोषी पाये जाने पर 2 अक्ूटूबर 2022 को जिला न्यायालय डिण्डौरी में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया है इसलिए उन्हे षासन के नियमो के तहत निलम्बित किया जावे एव पीडिता को न्याय दिलवाया जावे।