मानदेय बढ़ाने सहित 15 सूत्रीय मांगों को लेकर सरपंच लामबंद

डिंडोरी। जिले के सरपंचों ने एकजुट होकर अपनी आवाज को बुलंद किया है, जिले भर के सरपंच अपनी 15 सूत्रीय मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सोपा है जिसमे मुख्य रूप से मनरेगा के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में मजदूरी की हाजिरी मोबाईल के माध्यम से आनलाईन दर्ज किया जा रहा है जिसमें सुदूर ग्रामों में नेटवर्क की समस्या बनी रहती है जिसके कारण आनलाईन हाजिरी दर्ज नहीं हो पा रही है. इसका निदान किया जाना आवश्यक है ।मनरेगा के अंतर्गत निर्माण कार्यों में मटेरियल सप्लायर को मटेरियल राशि का भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा है अर्थात मटेरियल भुगतान करने की समय-सीमा निर्धारित नहीं है जिसके कारण कभी कभी काफी विलम्ब हो जाता है जिसके कारण मटेरियल सप्लायर के द्वारा सरपंच सचिवों के उपर अनावश्यक दवाब बनाया जाता है अतः मटेरियल सप्लायर को मटेरियल भुगतान करने की समय सीमा 3 माह निर्धारित कर दिया जाना आवश्यक है ।ग्राम पंचायतों में बहुत सारे निर्माण कार्य होना बाकी है किन्तु वर्तमान स्थिति में टी.एस. की कार्यवाही बंद होने से निर्माण स्वीकृति भी बंद पड़ा हुआ है इसे तत्काल प्रभाव से प्रारंभ कराया जाना अति आवश्यक है । 4. यह कि ग्राम पंचायतों में होने वाली निर्माण कार्य सीमेंट कांक्रीट रोड को भी मनरेगा के अंतर्गत जोड़ा जाना आवश्यक है ।मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी का भुगतान वर्तमान समय में जनपद पंचायत के डी.एस.सी. के माध्यम से होता है उक्त कार्य ग्राम पंचायत को सौंपा जाये एवं ग्राम पंचायत को ही डी.एस.सी. प्रदान कर दिया जावे।ग्राम पंचायत सरपंचो का मानदेय वर्तमान में 4200/-रूपये निर्धारित है जबकि सरपंचो को ग्राम पंचायत के समस्याओं को हल कराने के लिये जनपद पंचायत से जिला पंचायत तक आना जाना पड़ता है जिसमें सरपंचों को स्वयं से आने जाने का खर्च वहन करना पड़ता है अतः उक्त मानदेय राशि को 50000 /- रूपये बढ़ाया जाना अति आवश्यक यह कि सरपंचो अपने कार्यकाल में ग्राम पंचायत के विकास के अलावा कोई भी कार्य स्वयं के लिये नहीं कर पाते है जिसके कारण उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत नहीं हो पाता और कार्यकाल समाप्त होने के बाद उनकी स्थिति दयनीय हो जाती है अतएव सरपंचो का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पेंशन के रूप में उन्हें 15000/- रूपये प्रतिमाह प्रदान किया जाना आवश्यक हैं जिससे कि उनकी भावी जीवन अच्छी से व्यतीत हो सकें ।यह कि ग्राम पंचायत के विकास में उपसरंपच एवं पंच का योगदान को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता इनके द्वारा भी अपने अपने वार्डों एवं पंचायत के कार्यों को लेकर जनपद एवं जिला स्तर तक आना जाना पड़ता है अतः इनकी भी मानदेय निर्धारित करते हुये उपसरपंच को 25000/- रूपये प्रतिनाह एवं पंच को 10000/-रूपये प्रतिमाह प्रदान किया जाना आवश्यक हैं 9. यह कि ग्राम पंचायत के निर्माण कार्यो में मजदूरो का लेखा-जोखा और निर्माण कार्य की प्रगति की सम्पूर्ण जिम्मेदारी मेठो के उपर ही रहता है और वे निर्माण स्थल पर दिनभर रहकर निर्माण कार्य को पूर्ण कराते हुये अतएव मेठो को भी प्रतिदिन 500/-रूपये प्रदान किया जाना आवश्यक हैं ।वर्तमान में मजदूरों का मजदूरी दिवस 204 /- रूपये प्रतिदिन है जबकि दिनो दिन मंहगाई बढ़ती जाती है और ऐसी स्थिति में मजदूरों का मजदूरी दिवस भरपूर नहीं है जबकि मजदूर ही दिनभर पसीना बहाकर निर्माण कार्य को पूर्ण करते हुये अत वर्तमान स्थिति में उनका मजदूरी दिवस 400/-रुपये प्रतिदिन किया जाना आवश्यक मनरेगा के अंतर्गत प्रतिव्यक्ति कार्यदिवस 100 दिन निर्धारित है जबकि वर्ष में 365 दिन होता है। | 100 दिवस कार्य करने से 365 दिवस का खानापूर्ति करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़=रहा है अतः उक्त कार्यदिवस को 150 से 200 दिवस किया जाना आवश्यक है।वर्ष 2005 में मनरेगा के तहत समस्त वित्तीय अधिकार ग्राम पंचायत को प्राप्त था अब मनरेगा के अंतर्गत वित्तीय अधिकार ग्राम पंचायत से छीन लिया गया है उसे पुनः ग्राम पंचायत को वापिस किया जाना आवश्यक है 13. यह कि प्रधानमंत्री आवास की वर्तमान सूचियों में ग्राम पंचायत के बहुत से पात्र हितग्राहियों का नाम दर्ज नहीं है और नाम जोड़ने वाली पोर्टल को बंद कर दिया गया है इसे पुनः चालू किया जावे ताकि पात्र हितग्राहियों को इसका लाभ मिल सकें ।प्रधानमंत्री आवास के अंतर्गत वर्तमान में 130000 /- रूपये राशि निर्धारित हैं जबकि आवास में। लगने वाली सभी निर्माण सामाग्रियों का कीमत लगभग 2 से 3 गुना बढ़ चुका है ऐसी परिस्थिति में निर्माण कार्य पूर्ण कराया जाना संभव नहीं है अतएव प्रधानमंत्री आवास की राशि 500000 /- रूपये किया जाना अति आवश्यक है ।
*ग्राम पंचायत में सरपंच निधि लागू नहीं है इसे चालू किया जाना अति आवश्यक है ताकि प्रत्येक ग्राम पंचायत के सरपंच अपने निधि से दीन-हीन व्यक्तियों के सुख-दुख में एवं आवश्यकता अनुसार ग्राम पंचायत के विकास में उक्त निधि का उपयोग कर सके अतएव ग्राम पंचायत सरपंच निधि के रूप में 1000000 /- रुपये अंकन दस लाख रूपये प्रतिवर्ष निर्धारित किया जाना अति आवश्यक हैं ।