किसानों को मछली पालन और बांस उत्पादन के लिए प्रेरित करें: केन्द्रीय राज्यमंत्री

जिला विकास एवं समन्वय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में संपन्न हुई
डिंडोरी। केन्द्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने अमृत सरोवर के तालाबों का उपयोग सिंचाई, मछलीपालन, पेयजल और निस्तार के लिए करने के निर्देश दिए। जिससे लोगों को सिंचाई, पेयजल और मछलीपालन से रोजगार मिल सके। जल जीवन मिशन के लिए इन तालाबों से पेयजल सप्लाई करने को कहा। उन्होंने अमृत सरोवर के लंबित कार्यो को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए। केन्द्रीय राज्यमंत्री कुलस्ते शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला विकास एवं समन्वय समिति (दिशा) की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री कुलस्ते ने एक जिला एक उत्पाद अंतर्गत कोदो-कुटकी उत्पादन के रकबा की जानकारी ली। कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि खरीफ 2023 हेतु कोदो-कुटकी का रकबा 49,150 हेक्टेयर एवं उत्पादकता 910 किग्रा प्रति हेक्टेयर प्रस्तावित है। इस दौरान परम्परागत फसलों के संरक्षण के तहत बीज बैंक के माध्यम से श्री अन्न के बीज वितरण एवं तिलहन फसल की खेती पर जोर देते हुए विस्तृत चर्चा की गई। उप संचालक कृषि ने बीज एवं खाद विक्रय के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि विभाग द्वारा निजी बीज विक्रय संस्थानों का निरीक्षण किया जा रहा है। जिन निजी बीज एवं खाद विक्रय संस्थानों में निर्धारित मापदण्डों के अनुरूप विक्रय होना नहीं पाये जाने पर संबंधितों के विरूद्ध कार्यवाही की जाती है। साथ ही कृषि विभाग द्वारा कोदो कुटकी के क्षेत्र विस्तार हेतु बीज उत्पादक सहकारी समिति रूसा विकासखण्ड डिंडौरी बीज उत्पादक सहकारी समिति खपरीपानी विकासखण्ड बजाग उक्त दो बीज उत्पादक सहकारी समितियों का गठन किया गया है। इसी प्रकार से आत्मा परियोजना अंतर्गत वर्ष 2023-24 में प्रदाय प्रथम त्रैमास के लक्ष्य पूर्ति की अद्यतन की स्थिति की समीक्षा हुई। जिसमें राज्य के बाहर प्रशिक्षण, कृषि पदर्शन, राज्य के बाहर भ्रमण, समूह क्षमता विकास प्रशिक्षण, एवं कृषक खेत पाठशाला जैसे महत्वपूर्ण बिषयों पर चर्चा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। किसानों का प्रशिक्षण पश्चात लोटने पर उनकी कृषि कार्य प्रगति का अवलोकन करें, बेहतर कार्य करने वाले किसानों को पुरूस्कृत करें। उन्होंने मनरेगा के अंतर्गत प्रारम्भ किए गए कार्यो की मानीटिरिंग भी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मनरेगा की मजदूरी और मटेरियल का भुगतान भी नियमित रूप से करने को कहा। जिससे मनरेगा के तहत आवंटित बजट का व्यय वित्तीय वर्ष में ही किया जा सके।
केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री कुलस्ते ने वनसमितियों को प्राप्त लाभांश तथा वन विभाग के वानिकी कार्य व विकास-कार्यो की समी़क्षा की। उन्होंने वन विभाग के निर्माण कार्यो को गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने के निर्देश दिए। वन विभाग द्वारा प्रस्तुत कृष्णमृग संरक्षित क्षेत्र में स्टॉपडेम परिक्षेत्र विस्तारीकरण की समीक्षा की। उन्होंने मुख्यमंत्री चरण पादुका योजना 2023 अंतर्गत वितरण हेतु प्रदाय की जाने वाले सामग्री जैसे जूता, चप्पल, साड़ी, पानी की बॉटल इत्यादि के बारे में जानकारी ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। पेसा एक्ट 2022 अंतर्गत ग्रामसभा को तंेदूपत्ता संग्रहण व भुगतान के संबंध में भी चर्चा की। इसके बाद वर्ष 2022-23 में वनोपज उत्पादन व राजस्व की समीक्षा की।
केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री कुलस्ते ने विकास कार्यो में तालाब निर्माण, कुआं निर्माण, हेण्डपंप, सीसी रोड निर्माण, बाउन्ड्री वाल का निर्माण, सीएम राईज स्कूल निर्माण, स्कूल और ऑगनबाडी केन्द्रों, इत्यादि का निर्माण करने के निर्देश दिए। केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री कुलस्ते ने वनभूमि पर काबिज लोगो को वनाधिकार पटटा देने के निर्देश दिए। जिससे वनभूमि मे काबिज सभी लोगो को वनाधिकार पटटा मिल सके। डीएफओ द्वारा बताया गया कि बांस लगाने पर किसानों को शासन द्वारा लागत राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने बैठक में सामुदायिक पटटे भी प्रदान करने के निर्देश दिए है। जल संसाधन विभाग के द्वारा संचालित योजनाओं की भी समीक्षा की। जिले मे सिंचाई क्षेत्र का रकबा बढाने को कहा। नहरों का निर्माण व मरम्मत करके किसानों के खेतों तक पानी पहुचाने के निर्देश दिए।
केन्द्रीय राज्यमंत्री श्री कुलस्ते ने पेसा एक्ट के तहत 86 वनग्रामों में पेयजल, आवागमन, बिजली, सिंचाई एवं अन्य मूलभूत आवश्यकताओं को अनिवार्य रूप पूरा करें। जिससे वनग्रामों में किसी भी प्रकार की समस्या न हो।