मनोरी के बाद बिंझोरी में डायरिया का प्रकोप,दो युवकों की मौत,तीन अस्पताल में भर्ती गांव में दूषित पेयजल व्यवस्था के आरोप
नीरज श्रीवास्तव, 8815937609

डिंडोरी।राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की लचर व्यवस्था लोगों की मौत का सबब बन रही है।अमरपुर विकासखंड अंतर्गत मनोरी गांव में डायरिया से पांच मौतों के बाद बजाग ब्लॉक के बिंझोरी गांव में उल्टी दस्त से दो युवकों की मौत और तीन लोगों के गंभीर रूप से पीडित होने का मामला सामने आया है।तीनो बीमारों का जिला अस्पताल में इलाज जारी है।एक ही बस्ती में दो मौत होने के बाद गांव में दहशत का माहौल है।बिंझोरी के नीचे टोला के बाशिन्दों ने बस्ती में दूषित पानी की सप्लाई के आरोप लगाये हैं।ग्रामीणों के मुताबिक नलकूप के जरिये किये जा रहे जल प्रदाय के पाईप जगह जगह से छतिग्रस्त हो गई है।जिससे साफ पानी घरों तक नहीं पहुंच पा रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक गुरुवार की सुबह बिंझोरी के नीचे टोला में आधा दर्जन लोगों को उल्टी दस्त की शिकायत के चलते जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था।जहां गुरुवार की रात लगभग 8 बजे इलाज के दौरान जितेंद्र वनवासी उम्र 24 साल की मौत हो गई।जबकि शुक्रवार की शाम गंभीर हालत में जबलपुर ले जाते समय तारा कुमार जाति मेहरा 25 साल ने भी दम तोड़ दिया।वहीं बिंझोरी नीचे टोला निवासी गणेश मेहरा 45 साल की स्थिति में सुधार नहीं होने की दशा में शुक्रवार की शाम मेडिकल कॉलेज जबलपुर रेफर कर दिया गया और रजनी कोल 25 साल एवं सरस्वती कोल 36 साल का ईलाज जिला अस्पताल में जारी है।गुरुवार की रात जितेंद्र की मौत के बाद परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा भी किया था और ईलाज में लापरवाही के आरोप लगा जांच की मांग की है।

रात में ही गांव पहुंची टीम
डायरिया के लक्षणों से हुई मौत की सूचना मिलने पर कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देश पर गुरुवार की रात स्वास्थ्य टीम ने गांव पहुंच आठ घरों में लोगों का स्वास्थ्य परिक्षण किया करते हुये एतिहात बरतने की सलाह दी।टीम ने बीमारी की वजह का पता लगाने हेतु मौके से पानी और खाने के सेंपल भी लिये हैं।इसके साथ ही संभावित संक्रमण के मद्देनजर स्टूल यानि मल के नमूने बायलॉजिकल जाँच हेतु लिये गये हैं।गांव पहुंची आरआरटी टीम सदस्य डॉ. सुरेश मरावी, डॉ.अभिषेक मिश्रा,डॉ. दीपेंद्र धुर्वे ने लोगों को पानी के सेवन के पूर्व उबालने और छानने की नसीहत भी दी है।जानकारी के मुताबिक पीएचई विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर पानी का सैंपल भी ले लिया है। बताया गया कि यहां भी ग्रामीणों ने दूषित पानी मिलने का आरोप लगाया है।

दम तोड़ रहा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन
ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बिगड़ रही स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था के बाद आदिवासी बाहुल्य डिंडोरी जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के क्रियान्वयन भी सवाल उठने लगे हैं।पिछले दस दिनों में दो गांवों में उल्टी दस्त से हुई सात मौतों के बाद जिला कार्यक्रम प्रबंधक से लेकर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है।स्थिति यह है कि एनआरएचएम के कर्ताधर्ता की निष्क्रिय के कारण आम लोग दम तोड़ रहे हैं।इनके विरुद्ध कार्रवाई की दरकार है।गौरतलब है कि मनोरी गांव में भी उल्टी दस्त से पांच लोगों की मौत हुई थीं।यहाँ भी डायरिया ने पैर पसार दिये थे।

इनका कहना है
बिंझोरी में हेल्थ टीम केम्प करके घर घर जाँच और परीक्षण कर रही है।घरों से खाने,पानी और स्टूल के नमूने लिये गये हैं।सभी ब्लॉक अधिकारियों को क्षेत्र में निगरानी रखने और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता हेतु निर्देशित किया गया है।सूचना मिलने पर आरआरटी टीम को मौके पर भेजा जा रहा है।
डॉ. रमेश मरावी
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डिंडोरी