दो झोलाछापों की दुकानें सील,अंग्रेजी दवाएं और इंजेक्शन जप्त
नीरज श्रीवास्तव, 8815937609

प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई
डिंडोरी- मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शुक्रवार को जिले में झोलाछापों के विरुद्ध कार्रवाई का आगाज हो गया।कलेक्टर विकास मिश्रा के निर्देश पर अनुविभागीय दंडाधिकारी रामबाबू के नेतृत्व में सी.एम.एच.ओ.डॉ रमेश मरावी, नायब तहसीलदार शशांक शेंडे की संयुक्त टीम ने जिला मुख्यालय में झोलाछापों द्वारा संचालित दो संस्थानों पर दबिश दी और जप्ती और दुकान सील कार्रवाई को अंजाम दिया।छापेमार कार्रवाई के दौरान टीम ने दोनो ठिकानों से बड़ी मात्रा में एलोपैथिक दबाईयां,सीरिंज,ग्लूकोज बॉटल और पैथी के विरुद्ध उपयोग किये जा रहे अन्य उपकरण जप्त किये हैं।प्राप्त जानकारी के मुताबिक शुक्रवार की सुबह संयुक्त टीम ने पुरानी डिंडोरी में कथित डॉक्टर दिलीप चक्रवती और महेंद्र चक्रवर्ती के हैल्थ केअर सेन्टर में दबिश दी और वैध दस्तावेजों के अभाव में दुकान को सील कर दिया।इसके बाद टीम ने सब्जी मंडी के सामने एस.के. विश्वास द्वारा संचालित ईलाज की दुकान पर छापेमार करवाई करते हुये यहाँ एस.के. विश्वास को मरीजों का इलाज करते रंगेहाथ पकड़ा।इस दौरान फर्जी क्लीनिक के अंदर भर्ती मरीज भी पाये गये।जिनको इंजेक्ट करके ड्रिप दी जा रही थी।इस दौरान तलाशी में क्लीनिक के पीछे के कमरे में बड़ी मात्रा में छुपाकर रखी गई दबाईयां और अन्य सामग्री बरामद की गई।इस बाबद पूछताछ पर झोलाछाप एस.के. विश्वास अपने इलाज को वैध साबित करने डिग्री, रजिस्ट्रेशन और स्वास्थ्य विभाग में आवेदन की दलील देता रहा।लेकिन दस्तावेजों के अवलोकन से साफ हो गया कि एस.के.विश्वास झूठ की बुनियाद पर मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहा है।इसके पास किसी कोई भी वैध डिग्री डिप्लोमा नहीं पाया गया।जिसके मद्देनजर प्रशासनिक टीम ने एस.के.विश्वास के दवाखाना को भी सील कर दिया।गौरतलब है कि गैर मान्यता प्राप्त और अपात्र व्यक्ति यानि झोलाछाप बड़े पैमाने पर इलाज की दुकानें संचालित कर रहे हैं।जिन पर नकेल कसने मुख्यमंत्री ने निर्देश जारी किये थे।जिसके पालन में प्रशासन हरकत में आ गया है।सूत्रों के मुताबिक अब अवैध पैथालॉजी सेंटर पर भी प्रशासन की टेढ़ी नजर है।इस बाबद कलेक्टर विकास मिश्रा ने पूर्व में ही कार्रवाई के निर्देश जारी किये हैं।आगामी दिनों में इन पैथालॉजी पर भी बड़ी कार्रवाई के संकेत प्रशासन ने दिये हैं।

ऑपरेशन और असाध्य मर्जों के इलाज का दावा
छापेमार कार्रवाई के दौरान टीम को जानकारी मिली कि जिले में सक्रिय फर्जी चिकिसक और झोलाछाप असाध्य रोगों और जटिल ऑपरेशन करने का भी दावा करते हैं।ठेके पर मरीजों का इलाज करने में माहिर इन झोलाछापों के गलत इलाज की शिकायतें कई बार हो चुकीं हैं।लेकिन स्वास्थ्य अमला इस बाबद निष्क्रिय साबित हुआ है।जानकारी के मुताबिक गैरकानूनी तरीके से इलाज एक दंडनीय अपराध है।यह अनुचित इलाज रोगियों के लिए जानलेवा भी सबित होता है। ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिसमें झोलाछाप चिकित्सकों की गलत दवाई के इस्तेमाल से और इलाज की मजबूरी के चलते रोगियों की मौत हो चुकी है।

झोलाछापों में हड़कंप,फर्जी क्लीनिकों पर लटके ताले
अवैध क्लीनिकों पर शुक्रवार को हुये छापामार कार्रवाई चलते जिले भर के फर्जी और झोलाछापों में हड़कम मच गया।कार्रवाई के खौफ से सभी अमान्य क्लीनिकों में ताला लटका कर संचालक गायब हो गये।हालांकि प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग से इस बाबद जानकारी मांगी है।जिससे सिलसिलेवार कार्रवाई को अंजाम दिया जा सके।सूत्रों के मुताबिक प्रशासन ने सभी झोलाछापों की कुंडली तैयार कर ली है।