परेशानी:-समग्र आईडी बनवाने दर-दर भटक रहे बुजुर्ग दंपत्ति

समग्र आईडी बनवाने दर-दर भटक रहे बुजुर्ग दंपत्ति नहीं मिल पा रहा किसी भी योजना का लाभ, राशन कार्ड से भी वंचित करंजिया:- समग्र आईडी इन दिनों किसी भी व्यक्ति एवं परिवार के लिए अनिवार्य हो गया है जिसके बिना परिवार को किसी भी प्रकार की सुविधाओं का लाभ या योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता है शासन के द्वारा सभी ग्राम पंचायत में रहने वाले परिवारों की समग्र आईडी एवं समग्र सदस्य आईडी बनाने हेतु निर्देशित किया गया था परंतु इतने सालों के बाद भी अभी तक कई परिवार ऐसे हैं जिनकी समग्र आईडी अभी तक नहीं बन पाई है या तो पोर्टल से अलग कर दी गई है जिसकी जानकारी परिवार को नहीं है जब किसी योजनाओं का लाभ लेने हेतु हितग्राही जाते हैं तो उन्हें पता चलता है कि उनकी आईडी डिलीट कर दी गई है जिसके बाद भी उन्हें उन्हें बनवाने के लिए यहां से वहां भटकते रहते हैं । इसी तरह का एक मामला सामने आया है जोकि करंजिया मुख्यालय से 5 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बाबली का है जहां पर बुजुर्ग दंपत्ति अपना परिवार आईडी बनवाने के लिए यहां से वहां भटक रहे हैं जिन्हें ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों के द्वारा सही जानकारी नहीं दी जा रही है और ना ही पोर्टल पर परिवार आईडी बनाई जा रही है राम प्रसाद यादव उम्र 54 वर्ष निवासी बाबली एवं उनकी पत्नी डमरिन बाई ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी परिवार आईडी पहले बनाई गई थी परंतु उन्हें राशन पर्ची नहीं दिया गया था राशन पर्ची बनवाने एवं राशन कार्ड बनवाने हेतु आवेदन करना था परंतु पता लगा कि उनकी आईडी ग्राम पंचायत के द्वारा डिलीट कर दी गई है जब ग्राम पंचायत से इस बारे में बताया गया तो वहां उपस्थित सचिव एवं रोजगार सहायक के द्वारा बोला गया कि ग्राम पंचायत में नहीं जुड़ पाएगा आप करंजिया जाकर किसी भी दुकान से आईडी बनवा लो। डमरीन बाई ने बताया कि समग्र आईडी बनवाने के लिए करंजिया में एक दुकान से दूसरे दुकान एक ऑफिस से दूसरे ऑफिस में घूमते रहे लेकिन हमारा काम कहीं भी नहीं हो पाया हम गरीब लोग हैं मेरे पति राम प्रसाद करंजिया में चौकीदारी का काम करते हैं हम परिवार में दो ही सदस्य हैं हमारा राशन कार्ड भी नहीं बना है और ना ही राशन के लिए कूपन बनाया गया है हमें राशन भी नहीं मिल पा रहा है जिससे हमें जीवन यापन करने में परेशानी हो रही है । ज्ञात है कि समग्र आईडी बनाने हेतु ग्राम पंचायत दायित्व सौंपा गया है जिसमें प्रत्येक परिवार में प्रत्येक व्यक्तियों के समग्र आईडी बनाना अनिवार्य है परंतु ग्राम पंचायत अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाते काम से बचने के लिए ग्रामीणों को यहां से वहां भटकाते हैं जिसके कारण गरीब परिवार योजनाओं से वंचित हो जाते हैं उक्त मामले में दो बातें सामने आती हैं यदि इस परिवार का समग्र आईडी पहले बनाया गया था तो इससे डिलीट क्यों किया गया और डिलीट करने के पीछे क्या कारण था दूसरी बातें कि जब आईडी डिलीट की जाए चुकी है तो परिवार की नई आईडी बनाने के लिए ग्राम पंचायत ग्रामीणों को यहां से वहां क्यों भटका रही है जबकि समग्र आईडी हेतु शासन के द्वारा ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक एवं पंचायत सचिव को जिम्मेदारी सौंपी है इस तरह के कई मामले जनपद पंचायत करंजी है कि 42 ग्राम पंचायतों से आ रहे हैं जिसमें लोगों की समग्र आईडी मैं गलत जानकारी प्रविष्ट की गई हैं जिसमें हितग्राहियों के नाम उम्र आधार कार्ड लिंक ना होना जैसी समस्याएं हैं जिससे लोगों को पेंशन स्कूली बच्चों को प्रोफाइल बनवाने एवं अन्य योजनाओं का लाभ लेने हेतु समस्या का सामना करना पड़ रहा है ।
