हिंदू संस्कृति पावन संस्कृति है – देवी रक्षा सरस्वती

डिण्डौरी। किशोरी गार्डन में चल रही श्रीमद् भागवत महापुराण कथा का तृतीय दिवस संपन्न परीक्षक बने श्रीमती सुशीला राम लाल बर्मन के द्वारा श्रीमद्भागवत महापुराण कथा की आरती हुई आरती के बाद आए हुए अतिथियों के द्वारा पूज्य देवी रक्षा सरस्वती जी का स्वागत हुआ स्वागत के बाद दीदी जी ने मंगलाचरण किया मंगलाचरण के बाद संकीर्तन संकीर्तन के बाद आज सुंदर सृष्टि वर्णन की कथा श्रोताओं ने श्रवण की परीक्षित जन्म आदि कथाओं का श्रवण पूज्य देवी जी ने कराई साथ ही बताया कि हिंदू संस्कृति एक पावन संस्कृति है इसको सदा सजो कर रखना चाहिए हिंदू संस्कृति के लिए हमें आवश्यक है कि हम अपने संस्कारों को ना भूलें हिंदू धर्म एक पावन पवित्र धर्म है इनका अनुसरण करना आवश्यक है जो व्यक्ति वेदों का ज्ञान रखता है वह अपना व्यक्तित्व सदा ऊंचा बनाए रखता है बनावटी दुनिया से हटकर हमेशा भगवान के चरणों में मन को लगाए रखने से जीवन सहजता से व्यतीत हो जाता है मां-बाप दुनिया का वह अमूल्य धन है जिस के पास नहीं होता है वही इसका मूल्य समझ पाता है संध्याकालीन में 6ः30 बजे आरती हुई आरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ प्रसाद वितरण के बाद बताया गया कि कल कथा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5ः30 बजे तक कथा का समय रहेगा देवी जी ने आग्रह किया कि आप सभी अधिक से अधिक संख्या में पधार कर कथा को श्रवण करें।


