रैतवार में संत शिरोमणि रविदास महाराज की मनाई गई जयंती

गोरखपुर -करंजिया विखं के अंतर्गत ग्रापं रैतवार में शनिवार को समाज के लोगों के द्वारा संत रविदास की 644वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाया गया द्वारा। कार्यक्रम में उपस्थित समाज के लोगों ने उनके जीवन एवं उनकी विचारधारा के बारे में बताते हुए कहा कि संत रविदास निर्गुण भक्ति के संत माने जाते हैं संत रविदास का समस्त मानव समाज को एक सूत्र में बांधने विश्व बंधुत्व एवं भाईचारा के सूत्रधार थे उन्होंने परमात्मा को आत्म साक्षात्कार के लिएअपने अंदर ही जानने का रास्ता बताया । अपने समय के बहुत बड़े पथ प्रदर्शक सनातन धर्म के अनुयाई सनातन धर्म के रक्षक समाज सुधारक जो सभी के हित में पूरे देश में धर्म का प्रचार प्रसार किए अपने ज्ञान के प्रभाव से बड़े बड़े राजा महाराजा बड़े बड़े संतों को भी आत्मज्ञान का बोध कराए अधर्म और पाखंडवाद को मिटाकर सत्य की बेल को बढ़ाएं आज उनका मार्गदर्शन समूचे जगत के लिए कल्याणकारी है भारत ही नहीं पूरे विश्व में संत रविदास जी के ज्ञान का संदेश को लोग अपना कर अपने समाज का विकास, क्षेत्र का विकास देश का विकास में महत्वपूर्ण भूमिका मानते हैं आज उनकी जयंती में डिंडोरी जिला के अनूपपुर जिला के संत रविदास के अनुयाई एकत्र होकर उनके मार्गदर्शन को उनके जीवनी को उनके कर्म को याद किए और उनके बताए गए मार्ग पर चलने का सर्वसम्मति से आत्मसात किए। हम चाहते हैं सभी मानव एक समान हैं सबके लिए समान अधिकार , सब सुखी रहे सब निरोग रहे स्वस्थ रहे सब शिक्षित रहे यही उनके ज्ञान दर्शन से हमें शिक्षा मिलती है और उनके जन्मदिवस पर जन-जन को यह प्रेरणा मिलती है कि मनुष्य जन्म से श्रेष्ठ नहीं होता है कर्म से महान होता है मनुष्य को ऐसा कर्म करना चाहिए कि उनके कर्म से उनकी पहचान बने और जनजीवन के जिंदगी में उनके मार्गदर्शन काम आए यही कामना करते हुए उनके मार्गदर्शन पर चलने के लिए कृत संकल्पित हुए और उनसे आशीर्वचन लिए कि आप शरीर रूप में नहीं है पर आपका ज्ञान जो है सर्व व्यापक है हितकारी है जन जन का कल्याण करने में मार्ग प्रशस्त करने वाला है कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अहिरवार समाज व जन कल्याण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अगुल बांधव,सुखदेव पोर्ते, तीरथ प्रसाद बनावल,पंकु अहिरवार तिलक प्रसाद अहिरवार,भैया लाल अहिरवार, नंदू लाल बनावल तिहारु प्रसाद बनावल,राजेश नागवंशी, कैलाश बनावल, कैलाश धुर्वे रज्जू बांधव,आसाराम बांधव, धनोतिया बनावल, कुंजन,दुर्गेश,मिथलेश,अमित, बुद्धेलाल बांधव, रतन बनावल,छोटा बांधव द्वारका महोबे,धनीराम नागवंशी,आदि लोग उपस्थित रहें ।
