लोकविचार डिण्डोरी। कोरोना काल मे जिला मुख्यालय के व्यापारी काफी बेबस नजर आ रहे हैं और अपनी जान जोखिम में डाल जिला चिकित्सालय मे भीड़ के बीच धक्के खाने को मजबूर है इसके पीछे प्रशासन का वह फरमान है जिसके तहत कोरोना निगेटिव रिपोर्ट वाले व्यापारी ही अपने प्रतिष्ठान खोल सकेंगे। प्रशासन की मुनादी के फरमान के बाद रविवार को ही व्यापारियों में हड़कंप मच गया और जिला चिकित्सालय में मेला लग गया।
सोमवार को फिर हड़कम्प की स्थिति रविवार को व्यापारियों की भीड़ के बीच पहुंचे विधायक ओमकार मरकाम ने प्रशासन से चर्चा की और व्यवस्थित तरीके से जांच के लिए कहा साथ ही तत्काल मुनादी रोकने के निर्देश दिए जिसके तत्काल बाद मुनादी तो रुकी लेकिन सोमवार की सुबह फिर से मुनादी ने व्यापारियों की नींद उड़ा दी।
फिर सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ी धज्जियां सोमवार को सुबह एक बार फिर लॉक डाउन की सारी कवायदों पर पानी फिर गया और सैकड़ों व्यापारी कोरोना जांच के लिए जिला चिकित्सालय पहुंच गए और फिर से वही स्थिति बन गई जिससे एक बार फिर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गई।
प्रशासन को स्थिति का आंकलन नही जिला प्रशासन को स्थिति की गंभीरता का आंकलन नही है कि इस तरह भय का वातावरण निर्मित कर भीड़ जमा करने से कोरोना प्रसार को रोकने के प्रयास धराशायी हो सकते हैं, क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी सहित प्रशासन की जिम्मेदारी है भय के माहौल से लोगों को उबारें।
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