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सचिव पर समग्र पोर्टल से नाम हटाने के आरोप,खाद्यान्न सहित स्कूल में दाखिले से वंचित हो रहे ग्रामीण…

डिण्डोरी। जनपद पंचायत समनापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत अण्डई के दर्जनों ग्रामीण सचिव की मनमानी के विरोध में शिकायत लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई, ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में पूर्व में पदस्थ पंचायत सचिव बीर सिंह यादव (वर्तमान में जनपद पंचायत समनापुर कार्यालय में संलग्न) निवासी समनापुर जिला डिण्डौरी के द्वारा ग्राम पंचायत अण्डई के आदिवासी परिवार सदस्यों के नाम समग्र आई डी पोर्टल से नाम अलग कर दिए गए है, जिसके कारण परिवारों को खाद्यान्न नहीं मिल रहा है, साथ ही अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के हेमसिंह मरकाम, प्रेमसिंह मरकाम, तिहर सिंह मरकाम, शिव कुमार पन्द्रो, सोन सिंह, बिराजो बाई मरकाम, इन्द्रावती मरकाम, महाबल मरकाम, गदल सिंह मरकाम, रोशल सिंह मरकाम, श्यामा बाई वायाम, रामनाथ मरकाम, उमेश कुमार मरावी, धनसिंह मरकाम, रामचरण कुम्हरे, रायसिंह मरकाम, चैनसिंह धुर्वे, भगत सिंह, केहर सिंह और फकरुद्दीन खान के परिवारों से कुछ नाम अलग कर दिए गए हैं, साथ ही पोषक ग्राम सलैया के भी कुछ नाम अलग किये गए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि समग्र पोर्टल वेबसाईट से जब आवेदक परिवारों ने अपने परिवार की खाद्यान्न पावती निकालने पर पता चला कि परिवार सदस्यों के नाम दिनांक 29.05.2022 को बीर सिंह के द्वारा अलग कर दिया गया है। जिसके कारण तीन माह से खाद्यान्न आवेदक परिवारों को नहीं मिल रहा है। सचिव बीर सिंह यादव के द्वारा कूटनीतिक षणयंत्र कर आदिवासी परिवारों को खाद्यान्न से वंचित किया गया है। ग्रामवासियों के द्वारा जब सचिव से उक्त संबंध में जानना चाहा तो वह मारपीट करने की धमकी देता है, साथ ही यह कहता है कि तुम मेरा कुछ नही बिगाड़ सकते। ग्रामवासियों के द्वारा दिनांक 14 जून 2022 को एक लिखित शिकायत थाना समनापुर में की गई थी लेकिन किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं की गई। थाना प्रभारी का कहना है कि पंचायत विभाग का मामला है, मुख्य कार्यपालन अधिकारी के द्वारा थाना को कार्यवाही हेतु लिखा जायेगा तभी कार्यवाही होगी।
ग्रामीणों ने मांग की है कि सचिव बीर सिंह यादव पर शासकीय दस्तावेजों पर छेड़छाड़ कर आदिवासी परिवारों के साथ अन्याय किया गया है, अतः भारतीय दण्ड संहिता की धारा 409 एंव आदिवासी अत्याचार अधिनियम के तहत सचिव पर अपराध कायम कराते हुए आवेदक परिवारों को न्याय दिलाया जावे। यह कि सचिव पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही ना करते हुए समग्र पोर्टल में नाम जोड़ा जाता है तो जनपद कार्यालय समनापुर के अधिकारी कर्मचारी भी इस कृत्य में सम्मलित है, यह माना जावे। उचित कार्यवाही ना होने पर समस्त आवेदक न्यायालय की शरण में जावेंगें जिसकी समस्त जवाबदारी जिला प्रशासन, पंचायत विभाग की होगी।

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