जनपद में समिति गठन में फिर हंगामा, चार सदस्यों ने किया बहिष्कार

- गठित समतियों को अवैधानिक बता जनपद सदस्यों ने किया अपर कलेक्टर से शिकायत
अमित साहू, बजाग
जनपद पंचायत बजाग में समिति गठन को लेकर आयोजित बैठक में पुनः दूसरी बार हंगामा हुआ। जनपद सदस्य लोकेश पटेरिया ने कर्मचारियों और पीठासीन अधिकारी पर पक्षपात का आरोप लगाया है तथा उनके समर्थक चार जनपद सदस्यों ने बैठक का बहिष्कार किया, इसके पीठासीन अधिकारी द्वारा पांच समितियों का गठन किया गया जिसमें किसी तरह के बहुमत या निर्वाचन प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। जिन्हें निरस्त करने की मांग को लेकर चारों जनपद सदस्य अपर कलेक्टर के घर पहुंचे और उन्हें लिखित में शिकायत की। दरअसल कलेक्टर डिंडोरी के पत्र अनुसार जनपद पंचायत में 8 समितियों का गठन किया जाना था, इसी पत्र का हवाला देकर जनपद सदस्य इस बात पर अड़े थे की बैठक 8 समितियों के लिए आयोजित की गई है तो केवल 5 समितियों का गठन क्यों किया जा रहा है। सदस्यों की आपत्ती इस बात पर भी थी की जब पिछली बैठक में पीठासीन अधिकारी बिसन सिंह ठाकुर 8 समितियों का गठन करवा रहे थे, तो आज ऐसा क्या हुआ कि वे पांच समिति के गठन पर राजी हो गए।
नहीं हुआ प्रक्रिया का पालन
जनपद सदस्य लोकेश पटेरिया ने आरोप लगाया कि समिति गठन में नियम प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। ना ही किसी से नामांकन मांगा गया ना ही निर्वाचन हुआ, पहली बैठक की भांति ही जनपद अध्यक्ष सूची लेकर आई थी जिसे सदस्यों से हाथ उठाकर उसी सूची को प्रस्ताव रजिस्टर में जस का तस लिख दिया गया, जबकि हम सभी सदस्य उसके विरोध में थे। हम लगातार कहते रहे की पूरी समितियों का गठन हो जैसा कलेक्टर महोदय के पत्र में आदेशित है, लेकिन अध्यक्ष के कहने पर तहसीलदार ने केवल पांच समितियों का गठन किया। ऐसा ही करना था तो पहली बैठक में ही उसे पास क्यों नहीं किया गया। हमारे सदस्यों पूनम रमाकांत साहू, अमित बगदरिया, शिववती मरावी समेत मैने बैठक का बहिष्कार किया साथ ही अपर कलेक्टर डिंडोरी को एक पत्र भी दिया है जिसमें गठित समितियों को निरस्त करने की मांग की गई है। उन्होंने निष्पक्ष कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
उठ रहे निर्वाचन प्रक्रिया में सवाल
जनपद पंचायत में हो रही समिति के गठन की यह दूसरी बैठक संपन्न हुई जिसमें भी सभी पंचायत सदस्यों का आपस में तालमेल ना बैठ पाने के चलते आधे अधूरे 8 में 5 समिति का गठन करना पड़ा वहीं पीठासीन अधिकारी पर भी निष्पक्ष चुनाव ना कराने के आरोप जनपद पंचायत सदस्य ने लगाए हैं जबकि जनपद पंचायत अध्यक्ष और बांकी सदस्यों के बीच तालमेल नहीं बैठ पा रहा है।