सैकड़ों ग्रामीणों ने विद्युत विभाग में डाला डेरा… कांग्रेस कमेटी भी कार्यालय के बाहर धरने पर

डिण्डोरी। विद्युत मंडल कार्यालय में सैकड़ों ग्रामीणों ने पहुंच कर डेरा डाल दिया है, जनपद सदस्य मधुबन धुर्वे की अगुवाई में ग्रामीण यहां पहुंचे हैं, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष वीरेंद्र बिहारी शुक्ला, प्रदेश प्रतिनिधि रमेश राजपाल, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष वैभव कृष्ण परस्ते भी ग्रामीणों के साथ बैठ गए ग्रामीणों के अनुसार करंजिया एवं बजाग फीडर अन्तर्गत ग्राम चकमी के वनग्राम बोयरहा एवं कपोटी, ग्राम पंचायत चौरादादर के स्कूल टोला एवं ग्राम पंचायत ठाढपथरा केन्द्राबहरा, कांदाटोला विगत 1 वर्ष से विद्युत सप्लाई बंद होने के चलते ग्रामीण परेशान हैं
ग्रामीणों ने बताया कि करंजिया एवं बजाग फीडर के अन्तर्गत ग्राम पंचायत चौरादादर स्कूल टोला एवं ग्राम पंचायत चकमी के बोयरहा, कपोटी एंव ग्राम पंचायत ठाढपथरा के केन्द्रराबहरा और ग्राम पंचायत पंडरीपानी के कांदाटोला इन सभी ग्राम पंचायत के गाँवों में विगत 1 वर्ष से विद्युत सप्लाई बंद है जिसके वजह से जंगली जानवरों के द्वारा घर एवं मानव जीवन को क्षति पहुचाया जा रहा हे जिससे इन गॉव के लोग भयभीत और डरे हुये है अगर इन गाँवों में लाईट सप्लाई होती तो आज वन ग्राम चौरादादर वनग्राम बोयरहा, कपोटी एवं वनग्राम केन्द्राबहरा और वनग्राम कांदाटोला में हाथियों के द्वारा किसी प्रकार का क्षति नहीं होती चूंकि हाथी लाईट के प्रकाश से दूर भागते है। अगर लाईट सप्लाई होती तो केन्द्राबहरा में दिनांक 11 अक्टूबर दिन मंगलवार को घटना घटित हुई वह नही होती लाईट होती तो नन्दू बैगा भागने में सफल होता। जब उस व्यक्ति के घर में हाथी ने आतंक मचाया तब अंधेरे में वह व्यक्ति दरवाजा और रास्ता ढूढने में देर कर दी जब तक हाथी घर में हमला कर दिया। जिससे नन्दू बैगा के मौके पर ही मौत हो गयी। इससे स्पष्ट होता है कि विद्युत विभाग के लापरवाही है। जबकि इन गाँवों में 80 प्रतिशत विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति निवास करती है और विद्युत विभाग के द्वारा इस तरह के लापरवाही की गई। ग्रामीणों ने मांग की कि पूरी केबल चेंज हो वैकल्पिक व्यवस्था न किया जाये उससे कोई समाधान नहीं है कई बार केबल का जोड तोड़ किया गया है परन्तु आज तक विद्युत सप्लाई नहीं हो पाया है।

मामले के बढ़ने के बाद अधीक्षण अभियंता एस आर येमदे ने ग्रामीणों के बीच पहुंच 15 दिवस में सुधार का आश्वासन दिया हालांकि आक्रोशित ग्रामीण अधिकारी के आश्वासन से असंतुष्ट नजर आए और लगातार जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग पर डटे रहे।