जनजाति कल्याण केंद्र को मिला राष्ट्रीय नानाजी देशमुख सम्मान,महामहिम राज्यपाल के कर कमलों से किया गया सम्मानित
सम्मान में दो लाख रुपये नगद, सम्मान पट्टिका, शाल व श्रीफल

जनजाति क्षेत्र में सेवाकार्य पर सम्मानित
शहपुरा विगत दिवस राजधानी भोपाल के रविंद्र भवन में आयोजित समारोह में महामहिम राज्यपाल छगन भाई पटेल के कर कमलों से जनजाति कल्याण केंद्र महाकोशल बरगांव के बेहतर संचालन पर राष्ट्रीय नानाजी देशमुख सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर जनजाति कल्याण केंद्र के अध्यक्ष मनोहर लाल साहू को साल श्रीफल सम्मान पट्टिका एवं दो लाख रुपये से सम्मानित किया गया।
विदित हो कि उक्त पुरुस्कार हेतु निर्धारित प्रक्रिया में आवेदन किया गया जिस पर पूरे देश से प्राप्त आवेदनों पर विचार करते हुए निर्णायक मंडल ने जनजाति कल्याण केन्द्र महाकोशल बरगांव को चयनित किया यह क्षेत्र एवं ज़िले के साथ प्रदेश के लिए गौरव का विषय है उक्त महत्वपूर्ण पुरुस्कार से सम्मानित होने पर क्षेत्र में हर्ष व्याप्त है निश्चित रूप से उक्त सम्मान से सामाजिक समरसता और सेवा के कार्यों को प्रेरणा मिलेगी।
क्या है राष्ट्रीय नानाजी देशमुख सम्मान

सामाजिक व सांस्कृतिक समरसता उत्थान के क्षेत्र में कार्य करने वाले संस्थाओं को मध्य प्रदेश सरकार राष्ट्रीय नानाजी देशमुख सम्मान से सम्मानित करती है। हर साल पूरे देश भर के संस्थानों में किसी एक का चयन किया जाता है। वर्ष 2021 के लिए जनजाति कल्याण केंद्र महाकोशल बरगांव तहसील शहपुरा ज़िला डिंडोरी म.प्र.का चयन किया गया। इस बार भोपाल के रविंद्र भवन में 26 जनवरी को आयोजित कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल महोदय के करकमलों से पुरुस्कार प्रदान किया गया। सम्मान में दो लाख रुपये नगद, सम्मान पट्टिका, शाल व श्रीफल प्रदान किया गया।
जनजाति कल्याण केंद्र का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति के आर्थिक एवं सामाजिक स्तर पर पिछड़े ग्रामीण विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास करना । नैतिक एवं मानवीय मूल्यों से निहित उच्चतम आदर्श,मातृ-शक्ति युक्त परिवेश निर्मित करना, नेतृत्व एवं अपरिमित क्षमताओं से परिपूर्ण आत्मनिर्भर युवाओं का निर्माण करना जिससे वे जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज एवं राष्ट्र की सेवा हेतु समर्पित हो।इस उद्देश्य से 14 महत्वपूर्ण गतिविधियों का संचालन जनसहयोग से किया जा रहा है ये गतिविधिया क्रमसःगतिविधियों के कुशल संचालन अखिल भारतीय सेवा प्रमुख राजकुमार मटाले जी के मार्गदर्शन में केंद्र की विभिन्न समितियों के सदस्यों के साथ जनभागीदारी से किए जा रहे हैं। जैविक कृषि,शिक्षा आस्था जागरण, वाचनालय,स्वावलंबन, गौशाला, कौशल विकास, युवा आयाम, पर्यावरण एवं जल संरक्षण स्वच्छता ,स्वास्थ्य कैरियर गाइडेंस,महिला सशक्तिकरण सामाजिक सुरक्षा एवं मां नर्मदा परिक्रमा वासियों हेतु अन्नक्षेत्र अंतर्गत समय समय पर केंद्र अंतर्गत 25 ग्रामों में विशेष सहयोग सेवा दे रहे है
मध्यप्रदेश के डिण्डोरी जिले के बरगाँव में स्थित जनजाति कल्याण केन्द्र ने इस क्षेत्र के अनुसूचित जाति के युवाओं के समय कल्याण की दिशा में बहुआयामी प्रयास के माध्यम से अपनी एक अलग पहचान स्थापित की है। जनजातीय आबादी बहुल इस अंचल में जनजाति कल्याण केन्द्र महाकोशल की स्थापना वर्ष 1995 में थी। इस संस्थाको केन्द्रीय समिति के अध्यक्ष मनोहरलाल साहू है।
संस्था का उद्देश्य अनुसूचित जाति के आर्थिक एवं सामाजिक स्तर पर पिछड़े ग्रामीण विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करना और उनका शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास करना है जिससे वे इस अंचल में विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें। संस्था युवाओं को नैतिक एवं मानवीय मूल्यों से निहित उच्चतम आदर्श की शिक्षा देती है। मातृशक्ति युक्त परिदेश निर्मित करके संस्था परिपूर्ण आत्मनिर्भर युवाओं का निर्माण भी करती है जिससे ये युवा जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज एवं राष्ट्र की समर्पित भाव से सेवा कर सकें।
संस्था द्वारा संचालित विभिन्न प्रकल्पों में ‘नर्मदांचल विद्यापीठ बरगाँव’ सबसे अग्रणी है। यह संस्थान युवाओं के अकादमिक शिक्षण के साथ ही उनका चतुर्दिक विकास भी सुनिश्चित करता है। कोरोना संक्रमण के दौरान भी विद्यापीठ ने इन युवाओं को ऑनलाइन शिक्षा दी। विद्यापीठ ने लॉकडाउन के समय इस अंचल से गुजरने वाले विस्थापितों की सहायता तो की ही, साथ ही कोरोना संक्रमण से बचाव के अनुशासनों यथा सतत हाथ धोना, सेनेटाईजर का और मास्क का उपयोग करना और सामाजिक दूरी बनाये रखने का शिक्षण भी दिया।
संस्थान विद्यापीठ के माध्यम से माता-पिता के सम्मान, संस्कारों का प्रसार, सामान्य ज्ञानका शिक्षण, प्रतियोगी भावना का विकास, पर्यावरण संरक्षण की शिक्षा, जैव विविधता के संरक्षण की शिक्षा और योग शिक्षण का कार्य भी करती है। संस्थान इस आदिवासी अंचल में गरीबी की रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले जरूरतमन्दों को बुनियादी जरूरत की सामग्री यथा राशन, दवाईयाँ, साबुन, बिस्किट्स, मास्क इत्यादि का भी वितरण करती है। विद्यापीठ द्वारा संचालित सुदर्शन वाचनालय में नैतिक और आध्यात्मिक शिक्षा से जुड़ी पुस्तकें भी सुलभ करवाई जाती हैं।
जनजाति कल्याण केन्द्र महाकोशल, बरगांव के माध्यम से संस्थान अनुसूचित जाति के युवाओं को आरम्भिक कक्षाओं में ही बौद्धिक क्षमता और व्यक्तित्व विकास की शिक्षा तो प्रदान करता ही है साथ ही शारीरिक शिक्षा के लिए खेल एवं मनोरंजन की गतिविधियों का संचालन भी करता है। संस्थान द्वारा अनुसूचित जनजाति के युवाओं को फसलों के प्रकार, उत्पादन तकनीक, आधुनिक कृषि तकनीक और जैविक खेती की जानकारी भी दी जाती है। प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जनजातीय युवाओं की कोचिंग, दिव्यांग युवाजन के पुनर्वास और सड़क पर सुरक्षित वाहन चलाने की जानकारी भी दी जाती है।
मध्यप्रदेश शासन डिंडोरी में स्थापित एवं सक्रिय संस्था जनजाति कल्याण केन्द्र महाकोशल को समाज सेवा के क्षेत्र में बुनियादी एवं सार्थक सरोकारों को केन्द्र में रखकर किये जा रहे व्यावहारिक कार्यों के लिए राष्ट्रीय नानाजी देशमुख सम्मान वर्ष 2021 से सादर विभूषित किया है।
प्रतिमाह नेत्र चिकित्सा शिविर एवं मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से क्षेत्र जन को लाभ प्रदाय करने के कार्य निरंतर जारी है।
इस अवसर पर
जनजाति कल्याण केन्द्र महाकोशल बरगांव प्रबन्ध कारिणी समिति के अध्यक्ष मनोहर लाल साहू एवं प्रबंध कारिणी समिति सदस्य डॉ मुकेश तिवारी श्रीकृष्ण बिलैया ज्ञानेंद्र सिंह शैलेश मिश्रा सिद्धार्थ गौतम नितिन तिवारी रि.ब्रिगेडियर एपी सिंह विक्रम सिंह प्रकल्प प्रभारी जाम सिंह उपस्थित रहे।