परिजनों ने पुलिस पर लगाया प्रताड़ना का आरोप
एसआईटी पर कार्रवाई की मांग की

डिंडोरी। कोतवाली अंतर्गत घानामार निवासी विष्णु सिंह की आत्महत्या के मामले में फिलहाल मृतक के परिजनों ने प्रताड़ना का आरोप लगा जांच की मांग की है। परिजनों ने कलेक्टर के नाम से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को पत्र सोपा है पत्र में लेख है कि ग्राम घानामार थाना तहसील जिला डिंडोरी में दो बुजुगों की नृशंस हत्या कर दी गई थी और इसकी जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था एसआईटी की टीम हत्याकांड की जांच कर रही थी और उसने संदेह के आधार पर ग्राम के ही कुछ लोगों को संदेह के आधार पर बुलाया और प्रताड़ित करना शुरू कर दिया जिसके चलते पुलिस प्रताड़ना से तंग आकर विष्णु ने जहर खाकर आत्महत्या कर ली और अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली मृतक अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला पालन पोषण करने वाला व्यक्ति था प्रताड़ना के चलते आत्महत्या करने के कारण मृतक के परिवार पर सामाजिक व आर्थिक दोहरा संकट आ गया है। परिजनों का आरोप है मृतक का हत्याकांड से कोई लेना-देना नहीं था और मृतक की आत्महत्या के लिए एसआईटी की टीम पूर्णतया जिम्मेवार है जिसके चलते पहले विष्णु को संदेही बना कर अपमानित कर समाज में बेइज्जत किया गया थाने में प्रताड़ित किया गया जिस अपमान को यह बर्दाश्त नहीं कर पाया और आत्महत्या कर बैठा जिला प्रशासन से मांग की गई कि बुजुर्ग हत्याकांड की जांच के लिए गठित एसआईटी की टीम को तत्काल भंग किया जाए और एसआईटी टीम के विरुद्ध तत्काल जांच बैठा कर अपने प्रभाव का अधिकारों का दुरुपयोग करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने के लिए मुकदमा चलाया जाए और उन्हें जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए साथ ही साथ उजड़ गए परिवार को 50 लाख की मुआवजा राशि भी दी जाए तथा परिवार के सदस्य को नौकरी दी जाए जिससे परिवार के भूखों मरने की संभावना खत्म हो और परिवार पुनः स्थापित हो सामान्य जीवन जी सके।
बहरहाल पुलिस ने मामले के ज्यादा तूल न पकड़ने पर राहत की सांस ली है लेकिन अभी भी कई सवाल अनुत्तरित हैं, आगामी समय में पूरे मामले पर क्या कारवाई होती है यह देखने का विषय है।