प्रदेश

क्रेशर सील करने के बाद कम्पनी का एमडी दे रहा एसडीएम को धमकी,हुई थाना में शिकायत

शहपुरा। शनिवार को तहसील मुख्यालय शहपुरा से कुंडम तक टू लेन सड़क बनाने वाली इस्कॉन कंपनी का क्रेशर सील करने की बड़ी कार्रवाई शहपुरा एसडीएम काजल जावला द्वारा की गई थी। गौरतलब है कि कंपनी के जिम्मेदार बिना पट्टा और डायवर्सन के जमीन पर अवैध उत्खनन कर रहे थे। प्रारंभिक जांच में 4 हजार मीटर से अधिक क्षेत्र में अवैध उत्खनन पाया गया था।वही एसडी काजल जावला व्दारा की गई कार्यवाही के बाद देर शाम कम्पनी के एमडी व्दारा एसडीएम के वाटसअप नम्बर पर धमकी भरे मैसेज सहित फोन किये जाने लगे जिसके बाद मिली जानकारी अनुसार एसडीएम काजल जावला व्दारा रविवार को पुलिस थाना शहपुरा में प्रभारी के नाम कार्यालीन पत्र भेज मामले में दोषियो के विरूध्द कार्यवाही करने की बात कही है पत्र में उल्लेखित है कि नितिन यादव एमडी एसकॉन इन्फ्राटेक प्रालि के द्वारा आवेदिका को फोन करने की कोशिश की गई एवं असमय मैसेज किया गया है। नितिन यादव एमडी एसकॉन इन्फोटेक प्रालि छिंदवाडा के विरुद्ध एक महिला अधिकारी को धमकाने के प्रयास,शासकीय कार्य में बाधा के प्रयास एवं असमय मैसेज करने के विरूध्द समुचित कार्यवाही करना सुनिश्चितकरे।
मौके पर नही मिले वेध दस्तावेज
जानकारी अनुसार एसडीएम काजल जावला के एस्कॉन इन्फ्राटेक प्रा.लि. छिंदवाडा द्वारा ग्राम दल्का खम्हरिया खसरा क्रमांक 154/154/2,154/3 154/4 रकबा क्रमश 0.38 180.38 0.37 है पर केशर एवं ग्राम टिकरा सरिया स्थित खसरा क्रमाक 1/1,1/2,1/3 के रकबा 0.40 से पर किये उत्खनन की जांच की गई। मौके पर शिकायतकर्ता के अकाउंटेट संजू सिंह एवं प्रोजेक्ट मेनेजर नाम नामालूम द्वारा उक्त स्थल पर केशर स्थापित करने से जुडे कोई दस्तावेज नहीं दिखाये गये। इनके द्वारा संचालनालय भौतिक तथा खनिकर्म श्रेत्रीय कार्यालय जवलपुर द्वारा अनुमोदित खनन योजना की प्रति दिखाई गई परंतु कलेक्टर कार्यालय डिण्डोरी द्वारा प्रदाय किये उत्खनन के प्रति,उक्त भूमियों का कृषि भिन्न प्रयोजन हेतु व्यपवर्तन मध्य प्रदेश राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण,प्रदूषण वार्ड की अनुज्ञा सहित अन्य दस्तावेज नही दिखाये गये।

एक करोड बीस लाख का जुर्माना हुआ प्रस्तावित
शिकायतकर्ता द्वारा मात्र एक खसरा 154/1 का व्यपवर्तन कराया गया तथा अन्य किसी खतरे का व्यपवर्तन नहीं कराया गया है। मध्यप्रदेश खनिज अवैध खनन,परिवहन तथा भण्डारण का निवारण नियम 2022 के नियम 15(2) के अनुरूप कुल शास्ति रूपये एक करोड बीस लाख रूपये प्रस्तावित कर कलेक्टर खनिज शाखा डिण्डौरी की ओर प्रकरण प्रेषित किया गया है। आवेदक के समस्त कर्मचारियों द्वारा पचनामा में इस्ताक्षर करने से इंकार किया गया एवं सुपुर्दगी लेने से इन्कार किया गया । उपस्थित अकाउटेंट एवं सुपरवाईजर द्वारा उपस्थित राजस्व अमले से अभ्रदता की गई जिस कारण स्थल पर उपलब्ध सामग्री को सीज कर सीलबंद कर साईट के गेट की चाबी थाना प्रभारी शहपुरा को सुपुर्द की गई।
इनका कहना है-
मेरे व्दारा कार्यवाही करने के बाद कम्पनी के एमडी व्दारा धमकी भरा मेसेज किया गया था जिसके बाद मामले मेें दोषियो के विरूध्द समुचित कार्यवाही करने के लिए पुलिस थाना शहपुरा के प्रभारी को पत्र लिखा गया है।काजल जावला एसडीएम शहपुरा

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