आधुनिक युग में झाड़ फूंक पर विश्वास के चलते सर्प दंश के शिकार ने तोडा दम

बजाग। जहरीले सर्प के काटने पर जिला अस्पताल में अधूरे इलाज के बाद जबरन घर वापस जाकर देशी इलाज के चक्कर में 26 वर्षीय युवक की जान चली गई। मामला डिंडौरी के कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम रहंगी का है। जिला अस्पताल चैकी पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल चैकी पुलिस को दिए बयान के अनुसार मोती सिंह पिता लम्मा सिंह धुर्वे उम्र 45 वर्ष निवासी ग्राम रहंगी ने बताया कि 5 मई को उसका भतीजा भजन सिंह पिता सुखराम सिंह धुर्वे गांव में एक ग्रामीण के घर दशगात्र कार्यक्रम में गया था। वह गांव के कुछ लोगों के साथ पुलिया के पास रोड किनारे खड़ा था। उसी दौरान रात लगभग साढ़े नौ बजे उसके दाएं पैर के अंगूठे में एक पर्रावन सर्प ने उसे डस लिया। रात में ही युवक को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात भर युवक जिला अस्पताल में भर्ती रहा। और उसकी हालत स्थिर बनी रही पर दूसरे दिन छह मई को भतीजे की जिद के चलते स्वजन उसे घर ले गए। इसके बाद तीन चार जगह युवक का देशी इलाज और झाड़ फूंक कराया गया। देशी इलाज से भी उसे आराम नहीं लगा। तबीयत दिनों दिन खराब होती चली गई और इसके चलते पुनः युवक को 16 मई को जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान 20 मई शनिवार की सुबह लगभग साढ़े सात बजे युवक की मौत हो गई। वर्तमान समय में जहां एक ओर व्यक्ति आधुनिक युग में अस्पताल की ओर इलाज कराने जा रहे हैं जहां अनेक सर्प दंश से लोगों को बचाया जा रहा है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोग देशी दवाई और झाड़ फूंक का सहारा ले रहे हैं और वहीं देशी इलाज करना युवक और उनके परिवार को भारी पड़ गया।