परेशानी:नहरें क्षतिग्रस्त,किसान परेशान

क्षतिग्रस्त नहरों के भरोसे पानी की सिंचाई, किसान हो रहे परेशान
बिछिया। जल संसाधन विभाग द्वारा बनाये गये बांधों से निकली नहरों की स्थिति जर्जर हो चली है जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पडता है जिले के कई क्षेत्रों में नहरों की स्थिति ठीक नहीं है जिस वजह से किसानों को रबी की फसल में सिंचाई के लिये पानी नहीं मिल पा रहा है हालांकि ग्रामीण रबी मौसम के पूर्व से ही नहरों की मरम्मत व साफ सफाई की मांग करते रहते हैं लेकिन विभाग ध्यान नहीं देता है कई जगहों से क्षतिग्रस्त नहरों में पानी सप्लाई के लिये जुगाड किया जाता है और इन नहरों में क्षतिग्रस्त स्ािलों पर पीव्हीसी पाईप डालकर पानी की सप्लाई को बहाल किया जाता है लेकिन यह तरीका भी अधिक कारगर नहीं रहता है सामान्य तौर पर पानी की सप्लाई प्रभावित होती है। शहपुरा विकासखण्ड के बिछिया से पांच किलोमीटर दूर बने बांध से जो नहरें निकली हैं वह क्षतिग्रस्त हो चली हैं और समय पर मरम्मत न होने के कारण किसानों को परेषानी का सामना करना पड रहा है कई किसानों को स्वयं ही व्यवस्था कर खेतों तक पानी लाना पड रहा है जगह जगह टूटी फूटी नहरों की मरम्मत को लेकर विभाग समय पर नहीं चेता जिसका खामियाजा अब किसानों को भुगतना पड रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि नहरों की मरम्मत के लिये समय समय पर लिखित व मौखिक निवेदन किया जा चुका है लेकिन अधिकारी इस ओर आंखें मूंदे हुये हैं। इलाके के गपैया, बडझर जैसे गांव के किसान इस नहर का उपयोग करते हैं लेकिन उन्हें क्षतिग्रस्त नहरों से पानी सही ढंग से उपलब्ध नहीं हो पा रहा है जिसका असर उत्पादन पर पडने की संभावना है।

