पत्र लिखकर आदिवासियों के साथ किये जा रहे प्रशासनिक व्यवहार को बताया अलोकतांत्रिक
डिण्डोरी। अण्डई डुंगरिया मव प्रस्तावित बांध के विरोध में जनता दल यूनाइटेड ने पहले भी गांव में चौपाल लगाकर अपना विरोध दर्ज कराया था, सोमवार को भारी संख्या में पुलिस बल के गांव पहुंचने पर एक बार फिर तनाव व टकराव की स्थिति निर्मित हुई। ग्रामीणों के पुरजोर विरोध के बाद अन्ततः पुलिस को अपने कदम वापिस खींचने पड़े, इस संबंध में जानकारी लगने पर जनता दल यूनाइटेड ने प्रशासनिक प्रयासों का विरोध करते हुए आयुक्त जबलपुर को पत्र लिख ग्रामीणों के हक़ में आवाज बुलंद की है।प्रदेश अध्यक्ष सूरज जायसवाल और उपाध्यक्ष संतोष कुमार नेमा ने आयुक्त को पत्र लिख कर आदिवासी किसानों को आतंकित कर उनका हित बाधित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन ग्रामीणों के घर मे तहसीलदार कोर्ट से 107-116 के नोटिस भेजकर दहशत का माहौल बना रहा है, कोरोना काल मे भारी संख्या मे पुलिस बल तैनात किया गया है साथ ही लॉक डाउन की स्थिति में किसानों को वार्ता के लिये थाने में बुलाया जा रहा है। सभी कार्रवाई गैर कानूनी व अलोकतांत्रिक है।उन्होंने उल्लेख किया कि प्रस्तावित बांध स्थल से कुछ दूरी पर तीन दिशाओं में तीन बांध निर्मित है जिसका 20 प्रतिशत भी उपयोग नही किया जा रहा साथ ही प्रभावित क्षेत्र भारी उपजाऊ भूमि है न कि बंजर। किसानों ने भूमि का हस्तांतरण नही किया है न ही संबंधित ग्राम सभाओं ने सहमति दी है इसके अलावा मामला उच्च न्यायालय में लम्बित है। अतः किसानों का दमन न किया जाए। जिलाध्यक्ष दिनेश अवधिया ने कहा कि जदयू किसानों के साथ खड़ी है और किसानों के हक़ में अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। उन्होंने बांध निर्माण की प्रक्रिया रोके जाने की मांग की है।
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