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कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी,टीकाकरण संबंधित सेवाओं के अधिक प्रभावित होने की आशंका…


अजय जैन करंजियाः– संविदाकर्मियों को नियमित कर्मचारियों की भांति दर्जा देते हुए नियमित कर्मचारियों की तरह 90 प्रतिशत वेतनमान दिए जाने की मांग लेकर स्वास्थ्य संविदा कर्मियों की 24 मई से अनिश्चितकालीन हड़ताल आरम्भ हुई । अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखने लगा है। जिसमें मंगलवार 24 मई को ब्लॉक करंजिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लगभग 42 संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य बहिष्कार के हड़ताल पर जाने से अधिकांश कार्य स्थलों पर खाली कुर्सियां नजर आने लगी है। महिला व पुरूष स्वास्थ्यकर्मी, लैब टेक्नीशियन, कम्प्यूटर आपरेटर, एएनएम, स्टॉफ नर्स, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर, शामिल हैं । वहीं आशंका है कि शासन द्वारा 25 और 26 को रोके गए कोविड टीकाकरण के पुन: 27मई से आरम्भ किए जाने पर उनमें अधिक कार्य प्रभावित होने के मामले सामने आएंगे। इसके अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करेंगे हमें दो लैब टेक्नीशियन के पद मे भी संविदा स्वास्थ्य कर्मी है जिससे लैब के कार्य प्रभावित होंगे वही कंप्यूटर ऑपरेटर एवं सप्ताह में दो बार मंगलवार एवं शुक्रवार को किए जाने वाले नियमित टीकाकरण संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी के हड़ताल पर जाने से चरमरा जाएंगी। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी अस्पतालों, नवजात शिशु चिकित्सा इकाईयो सहित अन्य क्षेत्र में काम करते हैं, इनके हड़ताल पर जाने से दिक्कतें होनी तय है। हड़ताल के दौरान संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का आरोप है मुख्यमंत्री ने वर्ष 2018 में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों का दर्जा दिए जाने का आश्वासन दिया था। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में कार्यरत सभी स्वास्थ्य कर्मचारियों को लेकर 5 जून 2018 को नीति भी तैयार की गई थी, लेकिन इस नीति पर अब तक अमल नहीं किया जा सका है। कर्मचारी ने मांग की है कि नियमित कर्मचारियों का न्यूनतम 90 प्रतिशत वेतनमान दिया जाए ताकि अपनी जान जोखिम में डालकर पूरे कोविड काल में अपनी सेवाएं देने वाले स्वास्थ्यकर्मी अपने परिवार का भरण-पोषण कर सके।


