ताज़ा ख़बरे
टीकाकरण को लेकर ग्रामीण इलाकों में अफवाहों का बाजार गर्म,स्वास्थ्य अमले से दूरी बनाते ग्रामीणों को दी जा रही समझाइश..

लोकविचार-आपका विश्वास,हमारा साथ 9893676527, 7566178324
डिण्डोरी। कोरोना वाइरस से जंग में कारगर टीके को लेकर ग्रामीणों में विश्वास नही है यहां तक कि इस समय गांव में स्वास्थ्य अमले से दूरी बनाकर रखी जा रही है। बैगाचक इलाके के रंजरा, बंजरा, दामीतितराही सहित ऐसे कई गांव हैं जहां टीके का नाम लेने पर ही लोग भड़क जाते हैं, इन गांवों में सामान्य स्वास्थ्य जांच के लिए भी ग्रामीण तैयार नही हैं। स्वास्थ्य विभाग के अमले को किसी तरह का सहयोग ग्रामीणों द्वारा नही किया जा रहा जिसका नतीजा यह हुआ कि सामान्य रोगों के लिए भी चिकित्सकीय अमले का सहयोग नही मिल रहा और बड़ी संख्या में ग्रामीण बिना उपचार के सामान्य बीमारी से लड़ रहे हैं। रंजरा और बंजरा गांव में एकता परिषद से शोभा तिवारी, सुकेश, रामकुमार पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की काफी समझाइश के बाद ग्रामीण जांच व उपचार के लिए राजी हुए और स्वास्थ्य विभाग से डॉ जयश्री, बीई सोनवानी व भारती भांगरे ने बड़ी संख्या में ग्रामीणों का उपचार किया साथ ही कोविड जांच की गई जिसमें सभी ग्रामीणों की रिपोर्ट निगेटिव आई।

टीके की बात करने पर भड़के
इन गांवों में सरकारी अमले को छोड़कर किसी ने भी बचाव के लिए टीकाकरण नही कराया और टीके की बात करने पर ग्रामीण भड़क गए जिसके बाद शोभा तिवारी और उनकी लटीम ने ग्रामीणों को टीके के लाभ के विषय मे विस्तार से बताया साथ ही उन्हें आस्वस्त किया कि वह खुद अपना व टीम के टीकाकरण का दूसरा डोज ग्रामीणों के साथ लेंगी तब जाकर कुछ ग्रामीण टीकाकरण को तैयार हुए।

अफवाहों का बाजार गर्म
दरअसल ग्रामीणों के बीच अफवाह है कि टीके के बाद मृत्यु हो रही है नजदीकी गांव मड़फा(जिला मण्डला) में टीके के बाद ग्रामीणों की मृत्यु की अफवाह है पर किसी को स्पष्ट जानकारी नहीं है जिसके बाद इन्हें स्वास्थ्य अमले ने भी अफवाह बताते हुए ग्रामीणों से किसी तरह की भ्रामक जानकारी से बचने की अपील की।

प्रभावी रणनीति के तहत टीकाकरण हो सकता है सफल
प्रशासन को ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण की प्रभावी रणनीति बनानी होगी जिसमें इन इलाकों में प्रभाव रखने वालों का टीकाकरण ग्रामीणों के समक्ष करना होगा साथ ही गांव में पदस्थ शिक्षक, स्थानीय नेता सहित कुछ जागरूक लोगों का गांव में टीकाकरण से ग्रामीणों के टीके के प्रति विश्वास को बढ़ाया जा सकता है।


